महात्मा गांधी की पांडुलिपि रिकॉर्ड 16.2 करोड़ रु में बिकी

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महात्मा गांधी की पांडुलिपि रिकॉर्ड 16.2 करोड़ रु में बिकी

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 03:24 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 03:24 PM IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) महात्मा गांधी के अपने करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी को लिखे गए 688 ऑटोग्राफ वाले विचारों (जिनमें सत्य, अहिंसा और सेवा जैसे विषय शामिल थे) के संग्रह को सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपये में बेचा गया। यह नीलामी में बिके किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए एक विश्व रिकॉर्ड है।

हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद दो साल तक मार्गदर्शन, चिंतन और हौसला बढ़ाने वाले रोजाना हाथ से लिखे संदेशों को बाद में “अ थॉट फॉर द डे” नाम की किताब में संकलित किया गया। ये संदेश दोनों के बीच हुए पत्राचार के सबसे निजी और सुरक्षित बचे हुए दस्तावेजों में से एक हैं।

“गांधी: फ्रॉम द कलेक्शन ऑफ आनंद टी. हिंगोरानी” नाम की नीलामी में गांधी से जुड़ी चिट्ठियों, पांडुलिपियों, तस्वीरों और निजी चीजों के 86 खंड शामिल थे।

नीलाम करने वाली संस्था के अनुसार, इन पांडुलिपि में सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह (सांसारिक वस्तुओं या धन के प्रति मोह न रखना), निर्भयता, धार्मिक समानता, अस्पृश्यता निवारण, प्रार्थना, रामनाम, सेवा, श्रम, भूख, कर्तव्य, स्वराज, नैतिक जिम्मेदारी, मौन, अंतरात्मा की आवाज, अनासक्ति, आत्म-साक्षात्कार और ईश्वर की खोज जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।

यह संग्रह न सिर्फ अहम राजनीतिक घटनाओं को दर्ज करता है, बल्कि गांधीजी के जीवन के बेहद निजी पहलुओं को भी सामने लाता है। इसमें भारत की आजादी की लड़ाई के जन-नेता और उस निजी व्यक्ति—जो अपने सबसे करीबी लोगों को सलाह, सांत्वना, अनुशासन और स्नेह देते थे—दोनों की झलक मिलती है।

सैफ्रनआर्ट के सहसंस्थापक दिनेश वाजीरानी ने एक बयान में कहा, “ ‘खंड 80’ – यानी गांधीजी द्वारा हिंगोरानी के लिए लिखे गए विचारों की एक शृंखला – को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया इसके दुर्लभ और ऐतिहासिक महत्व को और पुख्ता करती है। ये विचार एक साथ मिलकर इस बात की अनूठी मिसाल पेश करते हैं कि गांधीजी ने उन सिद्धांतों को अपने जीवन में कैसे उतारा जिनका वे सार्वजनिक रूप से समर्थन करते थे; यही बात इसे उनके विचारों और कार्यों का एक बेहद बेशकीमती रिकॉर्ड बनाती है।”

“मैसेज ऑन गॉड” (ईश्वर पर संदेश) – जिसमें ईश्वर और भगवद् गीता पर गांधी के विचारों से जुड़ी तीन संबंधित पांडुलिपियां और पत्र-व्यवहार शामिल हैं – 1.68 करोड़ रुपये में बिका।

नीलामी में शामिल निजी चीजों में गांधी का ‘पेटी चरखा’ और सूत कातने के आध्यात्मिक अनुशासन पर लिखे दो पत्र शामिल थे, जिनकी कीमत 50-70 लाख रुपये आंकी गई थी। यह 1.02 करोड़ रुपये में बिका।

गांधीजी की लिखते हुए एक हस्ताक्षरित तस्वीर 78 लाख रुपये में बिकी और आर्थिक स्वतंत्रता पर गांधीजी के पत्रों, टेलीग्राम और पोस्टकार्ड का एक सेट 57.60 लाख रुपये में बिका।

हिंगोरानी परिवार ने पीढ़ियों से इस संग्रह को संभालकर रखा था। इसके जरिए हिंगोरानी के साथ गांधीजी के लंबे समय के रिश्ते को करीब से जानने का मौका मिलता है।

भाषा प्रशांत नरेश

नरेश