नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में आग से तबाह हुए एक होटल की बृहस्पतिवार को छानबीन की ताकि इस हादसे के घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने स्थानीय लोगों और होटल कर्मचारियों से पूछताछ भी की।
होटल के आसपास के इलाके को सील कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस, अपराध शाखा और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें बुधवार सुबह लगी आग से संबंधित सबूत इकट्ठा करने में जुटी हैं।
इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ता भवन निर्माण नियमों के कथित उल्लंघन, अग्नि सुरक्षा में चूक, अवैध निर्माण और उन परिस्थितियों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनके कारण इतनी अधिक मौतें हुईं।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “जांच के तहत स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, होटल कर्मचारियों और अन्य गवाहों से भी पूछताछ की जा रही है।”
पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया और गैर इरादतन हत्या समेत कई आरोपों के तहत उस पर मामला दर्ज किया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 326(जी) (आग लगाकर नुकसान पहुंचाना), 324(5) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 125(ए) (मानव जीवन और सुरक्षा को खतरे में डालने वाले लापरवाही से किए गए कृत्य के लिए दंड), 125(बी) (लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाना) और 287 (आग के संबंध में लापरवाही भरा आचरण) के तहत मामला दर्ज किया है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, होटल को केवल छह कमरों के लिए अनुमति प्राप्त थी लेकिन आरोप है कि इसमें लगभग 25 कमरे थे।
अधिकारी इस बात की भी पुष्टि कर रहे हैं कि आवश्यक अनुमतियों के बिना अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण किया गया था।
इमारत के लिए अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी कथित तौर पर नहीं था, जो अधिकारियों के अनुसार निर्धारित ऊंचाई सीमा से अधिक होने पर अनिवार्य होता है।
जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या बंद खिड़कियों, एक ही प्रवेश-निकास द्वार और सेंसर से चलने वाले मुख्य दरवाजे ने बचाव प्रयासों में बाधा डाली।
बुधवार सुबह ‘फ्लरिश स्टे बी एंड बी’ में आग लग गई, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग झुलस गए।
इस हादसे में जान गंवाने वाले कई विदेशी नागरिक थे, जो पास के अस्पतालों में इलाज करा रहे अपने रिश्तेदारों की तीमारदारी के लिए आए थे और होटल में ठहरे हुए थे।
अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है।
भाषा जितेंद्र वैभव
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