कोलकाता, 24 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने पश्चिम बंगाल की सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत आर्थिक सहायता देने के चुनावी वादे का उल्लंघन किया है और पार्टी अब ‘अपात्रता’ का हवाला देकर लाभार्थियों की संख्या कम कर रही है।
ममता के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी राजनीतिक या धार्मिक भेदभाव के प्रदेश की 1.45 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में योजना की आर्थिक सहायता सीधे भेज दी है।
ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से ‘फेसबुक लाइव’ के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने योजना का लाभ देने के लिए कोई शर्त नहीं रखी थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसने शर्तें लागू कर दीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘भाजपा अपात्रता का बहाना बनाकर अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की संख्या घटा रही है। तृणमूल शासन के दौरान लक्ष्मी भंडार योजना सभी महिलाओं के लिए थी।’
उन्होंने आरोप लगाया कि अब लाभार्थियों की पात्रता तय करने के नाम पर जटिल आवेदन प्रक्रिया और कई नियम लागू कर दिए गए हैं।
ममता ने कहा, ‘भाजपा ने सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना का लाभ देने के अपने चुनावी वादे का उल्लंघन किया और लोगों को धोखा दिया। हमने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा अन्नपूर्णा योजना का पैसा देने में लोगों के धर्म और जाति को देख रही है।’
इसपर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘हमारी सरकार धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती। इस योजना के तहत 19 लाख से अधिक मुस्लिम महिलाओं के खातों में भी राशि पहुंच चुकी है।’
ममता के पात्रता संबंधी आरोपों पर अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने भी लक्ष्मी भंडार योजना में शर्तें लागू की थीं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल 25 से 60 वर्ष की आयु वाली महिलाओं के लिए थी और सभी आयु वर्ग की महिलाओं को इसका लाभ नहीं दिया जाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदनों की जांच सरकार के नियमों के अनुसार सख्ती से की जा रही है। करीब 4.5 लाख महिलाओं ने शिकायतें दर्ज कराई हैं और उचित कार्रवाई करने से पहले हर शिकायत की बारीकी से जांच की गई।
भाषा
शुभम सुरेश
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