अभिषेक बनर्जी को भर्ती कराने के लिए ममता ने निजी अस्पताल पर दबाव डाला: भाजपा

Ads

अभिषेक बनर्जी को भर्ती कराने के लिए ममता ने निजी अस्पताल पर दबाव डाला: भाजपा

  •  
  • Publish Date - May 31, 2026 / 03:06 PM IST,
    Updated On - May 31, 2026 / 03:06 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

कोलकाता, 31 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एक निजी अस्पताल पर दबाव डाला, जबकि चिकित्सकों ने कोई गंभीर चोट नहीं पाई थी।

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में एक ऑडियो क्लिप साझा किया, जिसमें ममता बनर्जी को अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने में अस्पताल की अनिच्छा पर कथित तौर पर नाराजगी जताते हुए सुना जा सकता है।

हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ इस ऑडियो क्लिप या इसमें किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी है।

देबजीत ने आरोप लगाया कि टीएमसी प्रमुख ने बेले व्यू अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को धमकाया और अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाया कि चिकित्सकीय रिपोर्ट में कोई गंभीर चोट नहीं पाये जाने के बावजूद डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को भर्ती किया जाए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “यह चिकित्सा संस्थानों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग करने का एक चिंताजनक प्रयास है।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चिकित्सकों, प्रशासकों या स्वास्थ्य संस्थानों को डराने-धमकाने का कोई भी प्रयास जनता के विश्वास को कमजोर करता है और लोकतांत्रिक मानदंडों का उल्लंघन है।

इन आरोपों पर टीएमसी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

राज्य के सोनारपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार को दुर्व्यवहार किया गया और बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर अंडे, जूते तथा पत्थर फेंके। इस दौरान बनर्जी क्रिकेट हेलमेट पहनकर और अपने सहयोगियों की मदद से बड़ी मुश्किल से भीड़ के बीच से निकल सके।

बनर्जी चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों से मिलने गए थे। बाद में उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता उनकी हत्या करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की।

स्थिति जल्द ही अराजक हो गई और भीड़ के कुछ सदस्यों ने कथित रूप से उन पर मुक्कों और लातों से हमला करने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया।

इसके बाद, उन्हें कोलकाता के एक निजी अस्पताल में कुछ देर के लिए भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि इस तरह से अस्पताल में भर्ती होने का उद्देश्य एक राजनीतिक विमर्श तैयार करना और अधिकारियों द्वारा जारी किए गए समन या नोटिस से बचना था।

इस बीच, पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है।

यह नोटिस विधानसभा सचिवालय को भेजे गए एक पत्र में पार्टी विधायकों के कथित जाली हस्ताक्षरों के इस्तेमाल की जांच के सिलसिले में जारी किया गया है। उक्त पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बताए जाने का समर्थन किया गया था।

भाषा रवि कांत सुभाष

सुभाष