‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार

‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार

‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए ममता कालिया को साहित्य अकादमी पुरस्कार
Modified Date: March 16, 2026 / 03:10 pm IST
Published Date: March 16, 2026 3:10 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार ममता कालिया के संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ को साल 2025 के साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

साहित्य अकादमी ने सोमवार को यह घोषणा की।

इसके साथ ही अंग्रेजी में ‘क्रिमसन स्प्रिंग’ (उपन्यास) के लिए नवतेज सरना को और उर्दू में ‘सफ़र जारी है’ (कविता) के लिए प्रितपाल सिंह बेताब को अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

ममता कालिया के साथ ही 24 भारतीय भाषाओं के लिए इन पुरस्कारों की घोषणा की गई। इन पुरस्कारों में आठ कविता संग्रह, चार उपन्यास, छह कहानी संग्रह, दो निबंध, एक साहित्यिक आलोचना, एक आत्मकथा और दो संस्मरण की पुस्तकें शामिल हैं।

साहित्य अकादमी द्वारा इस संबंध में जारी विज्ञप्ति के अनुसार, पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रूपये की राशि पुरस्कृत लेखकों को 31 मार्च 2026 को नयी दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान की जाएगी।

अकादमी द्वारा जिन लेखकों को पुरस्कारों के लिए चुना गया है उनमें असमिया भाषा के उपन्यास ‘कड़ि खेलर साधु’ के लिए देवब्रत दास, बांग्ला में ‘श्रेष्ठ कबिता’ (कविता) के लिए प्रसून बंद्योपाध्याय,

‘दोंनै लामाः मोनसे गाथोन’ (बोडो भाषा में उपन्यास) के लिए सहायसुलि ब्रह्म को और डोगरी में ‘ठाकुर सतसई’ (कविता, दोहे) के लिए खजूर सिंह ‘ठाकुर’ को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

भाषा नरेश नरेश वैभव

वैभव


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