शिमला, 29 जून (भाषा) हिमाचल प्रदेश के जनजातीय लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है और करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के साथ आए मलबे के कारण जिला मुख्यालय केलांग जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है। जिले के दूरदराज के इलाकों को जोड़ने वाला जॉबरंग पुल भी पानी में डूब गया है।
अधिकारियों ने बताया कि जिस्पा में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग बंद कर दिया गया है जबकि झालमा नाले में आई बाढ़ के चलते कई गांवों तक पहुंचना संभव नहीं रह गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फ पिघलने से झालमा नाले का जलस्तर बढ़ गया है।
अचानक आई बाढ़ के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 आरसीसी इकाई तीन मशीनों की मदद से मनाली-लेह राजमार्ग को बहाल करने के काम में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि पहले 10 से 12 वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन तेज बहाव के कारण सड़क पर लगातार मलबा जमा हो रहा है।
बीआरओ के एक अधिकारी ने कहा कि सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति में कुछ सुधार होता है तो राजमार्ग सोमवार रात तक खोला जा सकता है।
इस बीच, शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने दो और तीन जुलाई को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दो और तीन जुलाई को कांगड़ा तथा मंडी जिलों के लिए तथा तीन जुलाई को कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
शनिवार शाम से पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हुई। शिमला, कांगड़ा और सुंदरनगर में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।
मौसम विभाग के अनुसार, मुरारी देवी में सबसे अधिक 63.6 मिलीमीटर(मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद ब्रह्माणी में 51.4 मिमी, घाघस में 50 मिमी, बरठीं में 45.2 मिमी, नेरी में 42.5 मिमी, हमीरपुर में 36 मिमी, शिलारू में 33.6 मिमी, स्लैपर में 45.1 मिमी, बिजाही में 45.7 मिमी, सुंदरनगर में 26.2 मिमी, बिलासपुर में 26 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 25.5 मिमी और शिमला में 20.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
इसने दो जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताते हुए चार जुलाई तक प्रदेश में वर्षा का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
राज्य में कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल