कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी के कहने पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर माफी भले ही मांग ली है, लेकिन नरेंद्र मोदी इस मुद्दे को अपनी चुनाव सभाओं में भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। बनासकांठा और भाभर की चुनाव सभाओं में नरेंद्र मोदी ने कहा – हां मै छोटे कुल में पैदा हुआ हूं इसलिए मुझे नीच कहा जा रहा है.
#WATCH: PM Narendra Modi addresses an election rally in Banaskantha’s Bhabhar #GujaratElection2017 https://t.co/RxHBh2nErn
— ANI (@ANI) December 8, 2017
मणिशंकर अय्यर की प्राथमिक सदस्यता सस्पेंड करने के बाद से कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने से बच रही है, लेकिन हार्दिक पटेल ने प्रधानमंत्री के कांग्रेस अध्यक्ष पर दिए गए कथित पुराने बयान को लेकर ट्वीट किया कि हिंदुस्तान की बहू को बार गर्ल कहना सही था?
कोंग्रेस पार्टी के नेता ने ग़लत शब्द का इस्तेमाल किया और कोंग्रेस पार्टी ने उसको ससपेंड कर दिया,लेकिन अभी के प्रधानमंत्री जब CM थे तब चुनाव प्रचार में हिंदुस्तान की बहु को बार गर्ल कहते थे क्या वो ठीक था !!!
— Hardik Patel (@HardikPatel_) December 8, 2017
गुजरात में इस बार भाजपा को दो दशक की सबसे बड़ी चुनावी चुनौती का सामना करने का अनुमान लगाया जा रहा है, ऐसे में मणिशंकर अय्यर का बयान सुर्खियों में बना हुआ है। वैसे मणिशंकर अय्यर ने अपने बयानों से पहले भी विरोधी दल को मुद्दा थमाया है। आइए देखते हैं मणिशंकर अय्यर ने कब-कब इस तरह के बयान दिए, जिससे कांग्रेस को नुकसान और दूसरे दल को फायदा पहुंचा।
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2014 में लोकसभा चुनावों के दौरान नरेंद्र मोदी पर अय्यर की ‘चाय वाला’ संबंधी टिप्पणी को लेकर भाजपा ने अपने पक्ष में माहौल बनाने में भरपूर इस्तेमाल किया। दरअसल अय्यर ने दावा किया था कि मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते और वह उस समय जारी कांग्रेस सम्मेलन में चाय ही बेच सकते हैं.
बेहतर अंग्रेजी वक्ता और लेखक अय्यर ने 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को ‘नालायक’ कहा था. उनकी टिप्पणी पर बवाल मचने पर कांग्रेस नेता को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था. उस समय भी अय्यर ने आज जैसा ही बचाव किया था और कहा था कि वह हिन्दी के शब्दों का आशय नहीं समझते हैं.
एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने सुझाव दिया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच शांति केवल तब संभव है जब मोदी सरकार गिर जाए. उन्होंने पाकिस्तान से भाजपा सरकार को गिराने में मदद मांगी थी. इतना ही नहीं अय्यर 2011 में अपनी पार्टी के ही नेता अजय माकन को भी निशाना बना चुके हैं.
मणिशंकर अय्यर ने सेंट वेल्ह्म बॉयज़ स्कूल दून स्कूल और सेट स्टीफन्स कॉलेज, दिल्ली से शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक किया और फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से दो साल का अर्थशास्त्र में ट्राइपोज़ किया। वे ट्रिनिटी हॉल के भी सदस्य थे। कैम्ब्रिज में वह मार्क्सवादी समाज के सक्रिय सदस्य थे। कैम्ब्रिज में अय्यर छात्र राजनीति में आए और एक बार एक अध्यक्षीय चुनाव भी जीतने की कोशिश की। दून और कैम्ब्रिज दोनों में दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उनके अभियान को समर्थन दिया और दोनों अच्छे मित्र भी बन गए।
वेब डेस्क, IBC24