नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) भारतीय युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की ई20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित) पेट्रोल नीति के विरोध में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि इससे आम उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड स्थित युवा कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार की एथनॉल मिश्रण नीति के खिलाफ नारेबाजी की।
युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर ले रखे थे जिन पर ‘गन्ने का जूस’ का नारा लिखा हुआ था।
लाकड़ा ने आरोप लगाया कि एथनॉल मिश्रण को बढ़ावा देते समय सरकार ने दावा किया था कि इससे ईंधन सस्ता होगा और इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा, लेकिन एथनॉल मिश्रित पेट्रोल भी लगभग उसी कीमत पर उपलब्ध है जिस कीमत पर पहले सामान्य पेट्रोल मिलता था।
उन्होंने सवाल किया कि यदि एथनॉल मिश्रण से लागत कम हुई है तो उसका लाभ उपभोक्ताओं तक क्यों नहीं पहुंचा?
लाकड़ा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आम जनता की चिंता के बजाय अपने हितों की चिंता कर रहे हैं।
युवा कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ई20 ईंधन के इस्तेमाल से करोड़ों लोगों की गाड़ियों के इंजन का रखरखाव खर्च बढ़ेगा और लोग इसको लेकर चिंतित हैं।
उन्होंने मांग की कि सरकार इस नीति पर पुनर्विचार करे क्योंकि ‘‘आम आदमी की गाड़ी कोई प्रयोगशाला नहीं है।’’
उल्लेखनीय है कि गडकरी ने बीते मंगलवार को एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा था कि वे ऐसी एक भी कार का नाम बताएं जिसमें इस ईंधन के कारण कोई समस्या आई हो।
ई20 पेट्रोल की बिक्री को बढ़ावा दिए जाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने यह भी कहा था कि एथनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों में समस्या आने के दावों का कोई ठोस आधार नहीं है।
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अविनाश