रांची, 10 जुलाई (भाषा) ‘ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस’ (एआईटीयूसी) की झारखंड इकाई और ‘इंडियन हॉकर अलायंस’ (आईएचए) के सदस्यों ने शुक्रवार को कहा कि वे रांची नगर निगम (आएमसी) के अतिक्रमण विरोधी अभियान के खिलाफ 14 जुलाई को विस्थापित रेहड़ी पटरी वालों के साथ मिलकर रैली निकालेंगे तथा निगम मुख्यालय का घेराव करेंगे।
उन्होंने अतिक्रमण विरोधी अभियान से प्रभावित रेहड़ी पटरीवालों के पुनर्वास की मांग की।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की झारखंड इकाई के सचिव महेंद्र पाठक ने आरोप लगाया कि आरएमसी मनमाने ढंग से काम कर रहा है और सड़क किनारे सामान बेचने वालों को उनके पुनर्वास का इंतज़ाम किए बिना ही हटा रहा है।
पाठक ने यहां प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘सड़क किनारे सामान बेचने वालों को हटाने से पहले उनके पुनर्वास का इंतजाम किया जाना चाहिए। जो गरीब सड़कों पर अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं, उन्हें असंवैधानिक तरीके से हटाया जा रहा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएमसी पूरे शहर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चला रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये कार्रवाइयां रेहड़ी पटरी (आजीविका संरक्षण एवं पथ पर बिक्री विनियमन) अधिनियम, 2014, झारखंड पथ पर बिक्री नियम, 2016, झारखंड पथ पर बिक्री योजना और झारखंड उच्च न्यायालय के 12 अगस्त, 2025 के आदेश का उल्लंघन हैं।’’
आईएचए के प्रदेश सचिव विकास वर्मा ने आरोप लगाया कि हाल में रांची के मोराबादी में लगने वाले साप्ताहिक बाज़ार (हर हफ़्ते में दो बार लगने वाला बाज़ार) को बिना किसी वैकल्पिक जगह का इंतज़ाम किए बंद कर दिया गया।
वर्मा ने कहा, ‘‘यह बाजार लगभग 40 सालों से चल रहा था और ज़्यादातर ग्रामीण महिलाएं वहीं से अपनी आजीविका चलाती थीं।’’
इल संगठनों ने कहा कि रैली 14 जुलाई को जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होगी और आरएमसी मुख्यालय पर खत्म होगी, जहां प्रदर्शनकारी विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
भाषा
राजकुमार पवनेश
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