मणिपुर के मुख्यमंत्री ने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात की, स्थायी शांति की आवश्यकता पर बल दिया
मणिपुर के मुख्यमंत्री ने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से मुलाकात की, स्थायी शांति की आवश्यकता पर बल दिया
इंफाल, 11 फरवरी (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बुधवार को जातीय हिंसा से सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में से एक जिरीबाम जिले का दौरा किया और मेइती एवं हमार समुदायों के आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) से मुलाकात की। इस दौरान सिंह ने सुलह और स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार विस्थापितों द्वारा सामना की जाने वाली पुनर्वास संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए समर्पित है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद जिरीबाम जिले के अपने पहली दौरे के दौरान, सिंह ने जिरीबाम उच्च माध्यमिक स्कूल में बने एक राहत शिविर में मेइती विस्थापितों के साथ बातचीत की।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मोंगबंग मेतई गांव का भी दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की तथा उनसे कहा कि विश्वास बहाली के लिए दोनों पक्षों को एक-दूसरे से बातचीत शुरू करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विस्थापितों को यह भी बताया कि जिला प्रशासन द्वारा उनकी चिंताओं का समाधान किया जा रहा है और उनके लिए घरों का निर्माण किया जा रहा है, जिनके मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है।
सिंह ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के दौरान ही विस्थापित लोगों के पुनर्वास के प्रयास शुरू हो चुके थे।
उन्होंने कहा कि समाधान के लिए अभी कोई निश्चित समयसीमा या तौर-तरीके बताना जल्दबाजी होगी, लेकिन सरकार इन चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिंह ने कहा, ‘‘पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, इंफाल के बाहर जिरीबाम की यह मेरी पहली यात्रा है। मुझे लगता है कि जिरीबाम मणिपुर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है और इसमें व्यापार केंद्र बनने की अपार क्षमता है। जिरीबाम को व्यापार केंद्र बनाने के लिए शांति अत्यंत आवश्यक है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो हुआ सो हुआ। यह एक बुरा सपना था। हमें शांतिपूर्ण जीवन जीने के विचारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।’’
मई 2023 से लेकर अब तक राज्य में जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
भाषा शफीक देवेंद्र
देवेंद्र

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