मणिपुर: बिष्णुपुर में हुई गोलीबारी की राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों ने निंदा की

Ads

मणिपुर: बिष्णुपुर में हुई गोलीबारी की राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों ने निंदा की

  •  
  • Publish Date - December 17, 2025 / 09:54 PM IST,
    Updated On - December 17, 2025 / 09:54 PM IST

इंफाल, 17 दिसंबर (भाषा) मणिपुर के राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों ने बुधवार को बिष्णुपुर जिले के बाहरी इलाकों में अज्ञात उपद्रवियों द्वारा की गई गोलीबारी की निंदा की, जबकि हिंसा के विरोध में कुछ स्थानों पर बाजार बंद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार रात करीब नौ बजे चुराचंदपुर जिले की सीमा से लगे तोरबंग और फौगाकचाओ इखाई इलाकों के आसपास कई राउंड गोलियां चलाई गईं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और जिले में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन शांत बनी हुई है, तथा ताजा गोलीबारी की कोई खबर नहीं है।

उन्होंने कहा कि सैकड़ों विस्थापित लोग, विशेष रूप से महिलाएं और बच्चे लगभग दो साल बाद फौगाकचाओ इखाई के आसपास के इलाकों में अपने घरों में लौट आए थे। लेकिन, गोलीबारी के बाद एक बार फिर भाग गए और अन्य जगहों पर शरण ली।

इस बीच, मंगलवार को हुई गोलीबारी की घटना के विरोध में बिष्णुपुर के मोइरांग कस्बे और इंफाल के न्यू चेकोन इलाके में बाजार और दुकानें बंद रहीं।

न्यू चेककॉन में कई महिला प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी और गोलीबारी के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

इस घटना की निंदा करते हुए, मैतेई समूहों के एक संगठन, मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (सीओकोमी) ने कहा कि ‘नागरिकों को आतंकित करने में शामिल सशस्त्र उग्रवादियों’ का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

मणिपुर में वर्तमान में राष्ट्रपति शासन लागू है, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नौ फरवरी को इस्तीफा देने के बाद 13 फरवरी, 2025 को लागू किया गया था।

भाषा तान्या रंजन

रंजन