मणिपुर: सशस्त्र समूहों के चंगुल से शेष बंधकों की रिहाई के लिए बातचीत जारी

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मणिपुर: सशस्त्र समूहों के चंगुल से शेष बंधकों की रिहाई के लिए बातचीत जारी

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 02:46 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 02:46 PM IST

इंफाल, 16 मई (भाषा) सशस्त्र समूहों के चंगुल से शेष बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए नागरिक समाज के संगठनों, मणिपुर सरकार के प्रतिनिधियों और सुरक्षा बलों के बीच बातचीत जारी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

कुकी और नगा समुदायों के लगभग 38 लोगों में से 31 को बृहस्पतिवार और शुक्रवार को रिहा कर दिया गया।

इन लोगों को कांगपोकपी और सेनापति जिलों में सशस्त्र समूहों ने बंधक बना रखा था।

कांगपोकपी में बुधवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने गिरजाघरों के तीन पदाधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी और चार अन्य लोगों को घायल कर दिया तथा इस वारदात को अंजाम देने के बाद वे बंधक बनाए गए इन लोगों को अज्ञात स्थानों पर ले गये।

उग्रवादियों ने नोनी जिले में भी एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी और उसकी पत्नी को घायल कर दिया।

पुलिस के मुताबिक, शेष लोगों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

पुलिस ने एक बयान में बताया कि प्रशासन, सुरक्षा बलों, राजनेताओं और नागरिक समाज के संगठनों के संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप, विभिन्न समुदायों से संबंधित अधिकांश बंधक बनाये गए नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है।

एक अधिकारी ने बताया, “सशस्त्र समूहों के चंगुल से शेष बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए नागरिक समाज संगठनों, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, सुरक्षा बलों और नागा और कुकी हितधारकों के बीच बातचीत जारी है।”

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सशस्त्र उग्रवादियों द्वारा बंधक बनाई गयी कोंसखुल गांव की 12 नागा महिलाओं को माखन गांव में रिहा कर दिया गया।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष