CJI Surya Kant Statement : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अचानक भड़के CJI सूर्यकांत! क्यों की बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ से? जानें पूरा मामला

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नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सुनवाई के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और सिस्टम पर सवाल उठाने वालों को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।

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  • Publish Date - May 16, 2026 / 02:22 PM IST,
    Updated On - May 16, 2026 / 02:25 PM IST

CJI Surya Kant Statement / Image Source : X

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की टिप्पणी चर्चा में
  • सोशल मीडिया और RTI को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद
  • वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट दर्जे पर भी सवाल

नई दिल्ली : CJI Surya Kant Statement सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने एक बेहद सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कोर्ट में बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से कर दी। CJI ने कहा कि कुछ बेरोजगार लोग जिन्हें काम नहीं मिलता, वे मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बनकर पूरे सिस्टम को निशाना बनाने लगते हैं।

क्या है पूरा मामला ?

यह मामला तब सामने आया जब एक वकील ने खुद को ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा दिलाने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच वकील के बर्ताव और सोशल मीडिया पर उनकी भाषा को देखकर नाराज हो गई। कोर्ट ने कहा कि सीनियर वकील का दर्जा कोई मेडल नहीं है जिसे मांगकर लिया जाए।

CJI Surya Kant Statement कॉकरोच की तरह सोशल मीडिया और RTI का सहारा

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं। नौकरी न मिलने पर वे कॉकरोच की तरह सोशल मीडिया और RTI का सहारा लेकर सबको निशाना बनाते हैं। इसके साथ ही CJI ने वकीलों की डिग्री पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे CBI से कई वकीलों की डिग्रियों की जांच करने को कहेंगे, क्योंकि बार काउंसिल वकीलों के वोट के चक्कर में इस पर कुछ नहीं करती।

बयान बना चर्चा का केंद्र

CJI सूर्यकांत का यह सख्त अंदाज अब हर जगह चर्चा में आ गया है। जहाँ एक तरफ वकीलों की डिग्रियों की जांच की बात हो रही है, वहीं बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई उनकी इस टिप्पणी पर भी बहस छिड़ गई है।

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