नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को कहा कि वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह एक ‘‘असाधारण सैनिक’’ और नेतृत्व क्षमता के धनी व्यक्ति थे तथा अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने जो भी भूमिकाएं निभाईं, उनमें उनके काम के प्रति समर्पण और पेशेवर कार्यों में हमेशा एक जैसी निरंतरता बनी रही।
यहां सुब्रतो पार्क में वायुसेना द्वारा आयोजित अर्जन सिंह स्मारक व्याख्यान देते हुए, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस प्रख्यात सैन्य अधिकारी का शानदार सेवाकाल रहा और उनकी यह विरासत खास मायने रखती है।
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘आज जब हम उन्हें याद कर रहे हैं, तो हम न केवल एक असाधारण सैनिक का सम्मान कर रहे हैं, बल्कि उन मूल्यों – पेशेवर उत्कृष्टता, विनम्रता, ईमानदारी और सेवा के प्रति अटूट समर्पण – का भी सम्मान कर रहे हैं जिन्हें उन्होंने जीवन भर अपनाया।’’
सैन्य अधिकारी के रूप में और उसके बाहर भी उनके शानदार करियर की तारीफ करते हुए, संधू ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में बहुत कम लोगों का करियर ऐसा रहा है जो भारत में अहम बदलाव के दौर के साथ इतनी सहजता से जुड़ा रहा हो।
उपराज्यपाल ने कहा कि उनका जीवन ब्रिटिश भारत, द्वितीय विश्व युद्ध, भारत की आजादी, सेना के आधुनिकीकरण, कूटनीति और संस्थाओं के निर्माण के दौर से गुजरा।
देश के सैन्य इतिहास में एक मशहूर हस्ती, अर्जन सिंह भारतीय वायु सेना के पहले और एकमात्र ऐसे अधिकारी थे जिन्हें 2002 में ‘मार्शल’ का रैंक दिया गया था।
पंद्रह अप्रैल 1919 को अविभाजित पंजाब के लायलपुर में जन्मे अर्जन सिंह के पिता, दादा और परदादा घुड़सवार सेना में सेवा दे चुके थे।
भाषा सुभाष संतोष
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