जयपुर, 15 जनवरी (भाषा) जयपुर में बृहस्पतिवार को सेना परेड के दौरान अपने बेटे के मरणोपरांत प्रदान किए गए सेना पदक को ग्रहण करते समय शहीद की मां भावुक होकर बेहोश हो गईं। मंच पर मौजूद एक सैनिक ने तुरंत उनकी सहायता की और उन्हें संभालकर बाहर ले गया।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना दिवस परेड की शुरुआत में महल रोड पर आयोजित समारोह में सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना पदक (वीरता) प्रदान किए।
लांस नायक प्रदीप कुमार की मां रामसनेही और उनकी पत्नी मनीषा ने यह वीरता पुरस्कार ग्रहण किया। प्रशस्ति पत्र पढ़े जाने के बाद जनरल द्विवेदी ने जैसे ही पदक रामसनेही और मनीषा को सौंपा, पदक प्राप्त करते ही रामसनेही भावुक होकर बेहोश हो गईं। मंच पर मौजूद एक सैनिक ने उन्हें संभाला और बाहर ले गया।
लांस नायक प्रदीप कुमार, पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) की पहली बटालियन में तैनात थे। वह छह जुलाई 2024 को कुलगाम गांव में तलाश अभियान के दौरान एक घर की जांच करने वाली टीम के अग्रणी स्काउट थे।
घर में छिपे आतंकवादियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। प्रदीप कुमार ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और एक आतंकवादी को मार गिराया, जिससे तलाशी दल को सुरक्षित स्थान पर जाने का समय मिला।
मुठभेड़ के दौरान प्रदीप कुमार स्वयं भी गोली लगने से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल होने और लगातार रक्तस्राव के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए दूसरे आतंकवादी को भी मार गिराया।
बाद में, गंभीर चोटों के कारण प्रदीप कुमार ने अपने प्राण त्याग दिए और शहीद हो गए। उनके अदम्य संकल्प, असाधारण वीरता और सर्वोच्च बलिदान के लिए लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया।
भाषा बाकोलिया खारी
खारी