नई दिल्लीः paper leak scandal NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद अब मामला पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक संकट में बदल चुका है। गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर हाईलेवल मीटिंग हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, PMO के अधिकारी और NTA के शीर्ष अफसर शामिल रहे। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है।
paper leak scandal दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई हाईलेवल बैठक ने संकेत दे दिए हैं कि केंद्र सरकार NEET परीक्षा में पेपरलीक के मुद्दे को बेहद गंभीरता से ले रही है.. बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, PMO के वरिष्ठ अधिकारी और NTA के DG अभिषेक सिंह मौजूद रहे। उधर, NTA ने फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल जमा करने की अंतिम तारीख 22 जून तक बढ़ा दी है। यानी सरकार फिलहाल री-एग्जाम और रिफंड दोनों मोर्चों पर दबाव में दिखाई दे रही है।
जाहिर है NEET परीक्षा 3 मई को हुई थी। 7 मई को पेपर लीक की खबरों के बाद 12 मई को इसे रद्द करना पड़ा। करीब 23 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आत्महत्या करने वाले छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। देश के लाखों बच्चे पढ़ाई, प्रतियोगिता और भविष्य के दबाव में जी रहे हैं। और जब पेपर लीक होता है, तो सिर्फ़ एक परीक्षा नहीं टूटती – एक बच्चे का सपना, और एक पूरा परिवार टूट जाता है। प्रदीप की मौत आत्महत्या नहीं – एक टूटी हुई, भ्रष्ट व्यवस्था की देन है।
राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हारने के कारण राहुल गांधी फ्रस्ट्रेशन में हैं और हर राष्ट्रीय संस्थान पर सवाल उठाना उनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है। हालांकि राहुल गांधी ने इसका भी तुरंत X पर पोस्ट कर जवाब दिया। धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितने चाहे व्यक्तिगत हमले कर लें, लेकिन इससे आपके अपराध छिप नहीं जाएंगे और न ही मैं 18.5 लाख बच्चों के भविष्य से जुड़े सवाल पूछना बंद करूंगा। NEET पेपरलीक कांड में CBI जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। अब तक 49 स्थानों पर छापेमारी हो चुकी है। कई लैपटॉप, मोबाइल और अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इस मामले में कुल 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ पेपर लीक का मामला है या फिर देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी की साख पर संकट.. खैर लाखों छात्रों और परिवारों के लिए सबसे जरूरी चीज है भरोसा और वही इस समय सबसे ज्यादा टूटता दिखाई दे रहा है।