रायपुरः Veer Savarkar’s statue at Telibandhi pond छत्तीसगढ़ में सावरकर पर सियासी तलवार खींची है। विपक्ष का आरोप है कि रायपुर की नगर सरकार जनभावना से उलट तेलीबांधा तालाब में सावरकर की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी में है। आरोप पर बीजेपी का दावा है कि सावरकर की प्रतिमा लगाना युवाओं को राष्ट्रवाद से जोड़ना है तो विपक्ष इसे सस्ता सियासी प्रोपेगेंडा बता रहा है।
Veer Savarkar’s statue at Telibandhi pond रायपुर के तेलीबांधा तालाब में सावरकर की मूर्ति लगाने को लेकर कांग्रेस ने विरोध जताया है। दरअसल, राजधानी में महापौर मीनल चौबे को तेलीबांधा तालाब में वीर सावरकर की मूर्ति लगाने आवेदन दिया गया। वीर सावरकर स्मृति मंच के प्रस्ताव पर जल्द ही नगर निगम मूर्ति लगाने बावत प्रस्ताव बना सकती है, लेकिन ये बात कांग्रेस को जरा भी रास नहीं आई है। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि तेलीबांधा तालाब छत्तीसगढ़ की धरोहर है। साहू समाज की भावनाओं से जुड़ा है। यहां अगर किसी की मूर्ति लगना चाहिए तो वो तेलिन माता या माता कर्मा की मूर्ति लगनी चाहिए। भला अंग्रेजों से माफी मांगने वाले, मुखबिरी करने वाले की मूर्ति क्यों लगेगी? जवाब में बीजेपी ने तंज कसा कि कांग्रेस का बस चले तो वो देशभर में केवल और केवल गांधी परिवार की मूर्तियां ही लगाए।
वैसे कहां, किसकी मूर्ति लगाई जाए इसे लेकर विवादों का सिलसिला काफी पुराना है। कांग्रेस सवाल उठा रही है कि छत्तीसगढ़ के निर्माण से लेकर संस्कृति तक सावरकर का कोई योगदान या कनेक्शन नहीं है तो फिर उनकी मूर्ति क्यों? दूसरी तरफ बीजेपी सफाई दे रही है कि देश की आजादी के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों की मूर्तियों पर विपक्षी नेताओं का विरोध समझ से परे है। सवाल ये है कि ऐसे प्रस्ताव जनभावना के अनुरूप बनाए जाते हैं या फिर सियासी नफा-नुकसान टटोला जाता है?