मेघालय कोयला खदान हादसा: एनजीटी ने खनिकों की मौत के मामले में मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया
मेघालय कोयला खदान हादसा: एनजीटी ने खनिकों की मौत के मामले में मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में 18 खनिकों की मौत के संबंध में राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों से जवाब तलब किया।
एनजीटी ने पांच फरवरी को डायनामाइट के कथित इस्तेमाल से किए गए विस्फोट के संबंध में एक समाचार पत्र की खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई की। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा, “खबर के अनुसार, यह जुलाई 2021 के बाद से खनन से संबंधित सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक है। खबर में यह भी बताया गया है कि दो साल पहले, एनजीटी ने इस खतरनाक खनन पद्धति पर प्रतिबंध लगा दिया था।”
पीठ ने पाया कि खबर में कार्यकर्ताओं के हवाले से बताया गया कि अप्रैल 2014 में अधिकरण द्वारा कोयले के खनन और परिवहन पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद राजनेताओं और अन्य प्रभावशाली लोगों द्वारा समर्थित अवैध खदान मालिक अपना काम जारी रखे हुए हैं।
उच्चतम न्यायालय ने हालांकि बाद में भी इस फैसले को बरकरार रखा था।
पीठ ने कहा, “यह मामला राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनजीटी) के आदेशों के उल्लंघन और गैर-अनुपालन को दर्शाता है, जिसमें वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, भारतीय वन अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन शामिल है।”
पीठ ने कहा कि खबर में ‘पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे’ भी उठाए गए हैं।
न्यायाधीश ने राज्य के मुख्य सचिव, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के शिलांग क्षेत्रीय कार्यालय और पूर्वी जयंतिया हिल्स के उपायुक्त को पक्षकार या प्रतिवादी बनाया है।
आदेश में कहा गया, “उपरोक्त प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए कि वे अगली सुनवाई की तारीख (19 मई) से कम से कम एक सप्ताह पहले अधिकरण के समक्ष हलफनामे के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करें।”
भाषा जितेंद्र पवनेश
पवनेश

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