मेघालय की डीजीपी ने खदान में हुए विस्फोट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया

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मेघालय की डीजीपी ने खदान में हुए विस्फोट की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 03:27 PM IST

शिलांग, 13 फरवरी (भाषा) मेघालय की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इदाशिशा नोंगरांग ने अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

खदान में हुए विस्फोट में कम से कम 31 लोगों की जान चली गई थी। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के म्यनसंगट गांव के थांगस्कू क्षेत्र में एक अवैध कोयला खदान में पांच फरवरी को हुए विस्फोट में कम से कम 31 लोगों की जान चली गई, जिनमें घायल हुआ वह मजदूर भी शामिल है जिसकी गुवाहाटी के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हाल ही में मौत हो गई।

डीजीपी ने अपने आदेश में कहा, ‘‘थांगस्कू, पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में हाल ही में हुई कोयला खदान दुर्घटना के मद्देनजर तथा घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए मेघालय की डीजीपी ने तत्काल प्रभाव से विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।’’

नौ सदस्यीय एसआईटी के प्रमुख पुलिस उपमहानिरीक्षक (पूर्वी रेंज) विवेकानंद एस राठौड़ होंगे।

एसआईटी को घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने, थांगस्कू में हुई खनन दुर्घटना की व्यापक जांच करने तथा अवैध खनन गतिविधियों से संबंधित अदालत/राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के उल्लंघन की पहचान करने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में कहा गया है कि एसआईटी समयबद्ध तरीके से जांच पूरी करके मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएगी और कानून के अनुरूप न्याय सुनिश्चित करेगी।

राज्य सरकार ने नौ फरवरी को विस्फोट स्थल पर खोज एवं बचाव अभियान समाप्त कर दिया था, क्योंकि आकलन दलों ने निष्कर्ष निकाला कि खदान के भीतर फंसे लोगों का पता लगाए जाने की अब और संभावना नहीं है।

मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भी विस्फोट की परिस्थितियों की जांच और जिम्मेदारी तय करने के लिए एक न्यायिक जांच आयोग के गठन की घोषणा की थी।

एनजीटी ने 2014 में पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव और खनिकों के लिए जोखिम का हवाला देते हुए मेघालय में कोयले के परिवहन और ‘रैट-होल’ विधि से कोयला खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था।

राज्य सरकार ने मेघालय उच्च न्यायालय को आश्वस्त किया है कि अवैध खदान संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिला प्रशासन द्वारा कोयला-समृद्ध क्षेत्रों में छापेमारी और निरीक्षण तेज किए जाने के दौरान हजारों मीट्रिक टन अवैध कोयले के भंडार जब्त किए गए हैं।

भाषा तान्या संतोष

संतोष