शिलांग, पांच सितंबर (भाषा) उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सात सितंबर को मेघालय का दौरा करेंगे और इस दौरान 1,010.95 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं से राज्य में जल आपूर्ति, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं एवं बिजली ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उपराष्ट्रपति शिलांग में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में भी शामिल होंगे और राज्य की तीन प्रमुख जनजातियां सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगी।
अधिकारियों के अनुसार, उपराष्ट्रपति जिन पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनमें उमंगोट नदी पर 110 मीटर लंबे पुल का निर्माण, न्यू शिलांग जल आपूर्ति योजना का दूसरा चरण और 30 बिस्तरों वाले आयुष अस्पताल का निर्माण शामिल है।
उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी परियोजना 850.58 करोड़ रुपये की न्यू शिलांग जल आपूर्ति योजना का दूसरा चरण है और इसके तहत न्यू शिलांग शहर और आसपास के 32 गांवों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, योजना के पूरा होने पर 4.34 लाख लोगों और करीब 86,900 घरों को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, इसमें मेघालय की पहली शहर-स्तरीय स्मार्ट मीटरिंग और पानी की खपत के आधार पर बिलिंग व्यवस्था शुरू की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि 21.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला उमंगोट पुल मावकिनरेव ब्लॉक के दूरदराज के गांवों के बीच संपर्क बेहतर करेगा और ईस्ट खासी हिल्स तथा वेस्ट जयंतिया हिल्स जिलों के बीच आवागमन को बेहतर बनाएगा। उन्होंने बताया कि 110 मीटर लंबे इस पुल से 14 गांवों के करीब 28,479 लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे बाजारों व जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी तथा शिलांग व जोवाई के बीच एक वैकल्पिक सड़क संपर्क उपलब्ध होगा।
अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं में शिलांग सरकारी अस्पताल में 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 30 बिस्तरों वाली आयुष सुविधा और मावखानू में 72.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला सब-स्टेशन भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि आयुष सुविधा से आयुर्वेद, होम्योपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म, फिजियोथेरेपी, पुनर्वास और मरीजों के भर्ती उपचार जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में खासी, गारो और जयंतिया समुदायों की संस्कृति को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
भाषा जितेंद्र रंजन
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