सांसदों से अनुरोध है कि बकाया केंद्रीय धनराशि को जारी कराने के लिए प्रयास करें: कर्नाटक के मंत्री

सांसदों से अनुरोध है कि बकाया केंद्रीय धनराशि को जारी कराने के लिए प्रयास करें: कर्नाटक के मंत्री

सांसदों से अनुरोध है कि बकाया केंद्रीय धनराशि को जारी कराने के लिए प्रयास करें: कर्नाटक के मंत्री
Modified Date: July 16, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: July 16, 2026 5:34 pm IST

बेंगलुरु, 16 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने राज्य से निर्वाचित सभी सांसदों को पत्र लिखकर उनसे केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह किया है ताकि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्राम पंचायतों को आवंटित 2,186.20 करोड़ रुपये की बकाया राशि जारी कराई जा सके।

खंड्रे ने अपने पत्र में कहा कि केंद्र ने देरी की वजह सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी दिक्कतें बताई हैं जिससे कर्नाटक में खासकर ऐसे समय में ग्रामीण विकास पर बुरा असर पड़ा है जब राज्य बारिश की कमी से जूझ रहा था।

मंत्री के कार्यालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कर्नाटक के सभी सांसदों से अपील की है कि वे केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह पर दबाव डालें ताकि बकाया कोष को तुरंत जारी किराया जा सके।

खंड्रे ने कहा कि सभी तय शर्तों को कर्नाटक सरकार द्वारा पूरा करने के बावजूद केंद्र ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य की ग्राम पंचायतों को आवंटित 2,186.20 करोड़ रुपये जारी नहीं किए हैं।

उन्होंने बताया कि विभाग ने इस मामले में केंद्र को पत्र लिखा था और उन्होंने खुद केंद्रीय मंत्री से कोष जारी करने का अनुरोध किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

राज्य ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के सभी सवालों के संतोषजनक जवाब भी दिए। इसके बावजूद, केंद्र ने तकनीकी दिक्कतों का हवाला देते हुए कोष जारी नहीं किया।

खंड्रे ने कर्नाटक के सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे केंद्रीय पंचायती राज मंत्री के सामने यह मामला उठाएं और ग्रामीण विकास के हित में राज्य की ग्राम पंचायतों के लिए बकाया 2,186.20 करोड़ रुपये जारी करवाने का प्रयास करें।

केंद्रीय मंत्रियों और कर्नाटक के जिन सांसदों को पत्र भेजे गए हैं, उनमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, प्रह्लाद जोशी, एच डी कुमारस्वामी, वी सोमन्ना और शोभा करंदलाजे के साथ-साथ राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हैं।

भाषा

सुरभि पवनेश

पवनेश


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