त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादी समूहों ने चार सितंबर से राज्यव्यापी हड़ताल की धमकी दी

त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादी समूहों ने चार सितंबर से राज्यव्यापी हड़ताल की धमकी दी

त्रिपुरा में आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादी समूहों ने चार सितंबर से राज्यव्यापी हड़ताल की धमकी दी
Modified Date: August 22, 2026 / 12:02 am IST
Published Date: August 22, 2026 12:02 am IST

अगरतला, 21 अगस्त (भाषा) त्रिपुरा के हथियार डालने वाले तीन उग्रवादी गुटों ने शुक्रवार को छह-सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल करने की धमकी दी। इन मांगों में उस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करना भी शामिल है, जिसके तहत उन्होंने हथियार डाले थे।

आत्मसमर्पण करने वाले इन तीन संगठनों में ‘नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा’ (एनएलएफटी) (ओरिजिनल), एनएलएफटी (पीडी) और ‘ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स’ (एटीटीएफ) शामिल हैं। इन संगठनों ने 2024 में केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हथियार डाल दिए थे।

एनएलएफटी (ओरिजिनल) के नेता परिमल देबबर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘कई दौर की बातचीत के बाद हमने चार सितंबर, 2024 को केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए और शांति के लिए अपने हथियार और गोला-बारूद छोड़ दिए, लेकिन हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं।’

देबबर्मा ने कहा, ‘सरकार ने हमारी जायज मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिये थे और दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। इसके कारण हमें छह-सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से 72 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान करना पड़ रहा है।’

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश


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