रिश्वत लेने के जुर्म में सैन्य अधिकारी को 10 साल की कैद

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रिश्वत लेने के जुर्म में सैन्य अधिकारी को 10 साल की कैद

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  • Publish Date - April 6, 2021 / 11:10 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:46 PM IST

देहरादून, छह अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड में देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत ने पांच साल पहले रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है ।

मामले में सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुजाता सिंह ने लेफ्टिनेंट कर्नल भरत जोशी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई ।

अदालत ने लेफ्टिनेंट कर्नल के एक कनिष्ठ सहयोगी मनीष कुमार को भी पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है ।

अदालत ने लेफ्टिनेंट कर्नल पर 55,000 रुपये तथा कुमार पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है ।

सीबीआई के अधिवक्ता सतीश गर्ग ने बताया कि अदालत में यह साबित हुआ कि 2016 में देहरादून में ‘मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज’ में गैरीसन इंजीनियर के पद पर कार्यरत लेफ्टिनेंट कर्नल ने एक ठेकेदार से उसका 16 लाख रुपये का बिल पास कराने के लिए 38,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी जबकि उसके सहयोगी कुमार ने ठेकेदार पर रिश्वत देने के लिए दबाव डाला था ।

इसी बीच, ठेकेदार ने सीबीआई में इसकी शिकायत कर दी और जांच एजेंसी ने जाल बिछाकर सैन्य अधिकारी को उस समय रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया जब वह ठेकेदार से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में दस हजार रुपये ले रहा था।

भाषा दीप्ति नोमान

नोमान