Temporary Salary Cut Decision: मंत्री, विधायकों और अफसरों को नहीं मिलेगी 6 महीने तक पूरी सैलरी.. आखिर सरकार ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला?

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Temporary Salary Cut Decision: हिमाचल में मंत्रियों, विधायकों और अफसरों की सैलरी 6 महीने टली, आर्थिक संकट से निपटने के लिए बड़ा फैसला

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 06:50 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 06:54 PM IST

Temporary Salary Cut Decision || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • 6 महीने तक पूरी सैलरी नहीं मिलेगी
  • सीएम, मंत्री और विधायक प्रभावित
  • आर्थिक संकट से निपटने का फैसला

शिमला: सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए बड़े खर्च कटौती के कदमों की घोषणा की। उन्होंने मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में छह महीने की देरी करने का फैसला लिया है। (Temporary Salary Cut Decision) साथ ही कुल बजट को 58,514 करोड़ रुपये से घटाकर 54,928 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और इससे वित्तीय दबाव बढ़ा है। उन्होंने सभी वर्गों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह कदम जरूरी हैं।

किनके वेतन में होगी अस्थाई कटौती?

सरकार ने खर्च कम करने के लिए कई फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री अपने वेतन का 50 प्रतिशत, मंत्री 30 प्रतिशत और विधायक 20 प्रतिशत वेतन छह महीने बाद लेंगे। (Temporary Salary Cut Decision) इसी तरह वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में भी कटौती की गई है। कर्मचारियों की 3 प्रतिशत वेतन वृद्धि भी छह महीने के लिए टाल दी गई है।

बजट पेश करने के दौरान विधानसभा में हंगामा भी हुआ। विपक्षी सदस्यों ने विरोध करते हुए नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी। बाद में मुख्यमंत्री ने करीब चार घंटे में अपना पूरा बजट भाषण पूरा किया।

किसानों और मछुआरों के लिए नई योजनाएं

वित्तीय चुनौतियों के बावजूद सरकार ने कई योजनाओं की घोषणा की है। (Temporary Salary Cut Decision) ग्रामीण विकास के लिए 500 करोड़ रुपये, गरीब परिवारों के लिए “मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना”, किसानों और मछुआरों के लिए नई योजनाएं, पर्यटन को बढ़ावा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर शामिल हैं।

सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया है। अस्पतालों के सुधार, स्कूलों में नए कोर्स, कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार और शहरों में विकास योजनाओं की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कठिन फैसले लेकर भी विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।

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1. सरकार ने सैलरी में कटौती का फैसला क्यों लिया?

राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से बढ़े आर्थिक दबाव के कारण यह फैसला लिया गया।

2. किन लोगों की सैलरी प्रभावित होगी?

मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी अस्थायी रूप से प्रभावित होगी।

3. यह सैलरी कटौती कितने समय तक लागू रहेगी?

यह फैसला छह महीने के लिए लागू रहेगा, बाद में सैलरी दी जाएगी।