नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) रेल मंत्रालय ने अपने सभी 18 जोन से रेलवे स्टेशनों की सफाई के लिए वर्तमान ‘परिणाम आधारित’ ठेका व्यवस्था के स्थान पर श्रमशक्ति आधारित’ ठेका व्यवस्था लागू करने पर सुझाव मांगे हैं।
वर्तमान में लागू परिणाम आधारित सफाई ठेका प्रणाली के तहत ठेका लेने वाली कंपनी को यह सुनिश्चित करना होता है कि स्टेशनों पर सफाई का स्तर मानक के अनुसार हो। इसमें श्रमिकों की संख्या मायने नहीं रखती है।
हालांकि श्रमशक्ति आधारित व्यवस्था के तहत कंपनी को स्टेशन पर सफाई कर्मचारियों की एक निश्चित संख्या की तैनाती सुनिश्चित करनी होगी।
सभी जोन के महाप्रबंधकों को पांच अगस्त, 2026 भेजे गए पत्र में मंत्रालय ने कहा, ‘‘स्टेशनों की सफाई के लिए वर्तमान परिणाम आधारित ठेका व्यवस्था से जुड़े निर्देशों की समीक्षा करने और उसकी जगह श्रमशक्ति आधारित ठेका व्यवस्था अपनाने का एक प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के विचाराधीन है।’
पत्र में कहा गया, ‘‘इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए बोर्ड कार्यालय को विस्तृत कारण और वित्तीय प्रभाव की जानकारी संलग्न प्रारूप में प्रदान की जाए।’’
भाषा सुमित राजकुमार
राजकुमार