आइजोल, छह अगस्त (भाषा) मिजोरम के एक प्रभावशाली संगठन ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाने या उसे नीचा दिखाने के लिए महिलाओं के परिधान का इस्तेमाल किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति की निंदा करते हुए कहा कि यह महिलाओं का अपमान है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।
राज्य के शीर्ष महिला संगठन की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले विपक्षी कांग्रेस की युवा इकाई ने मुख्यमंत्री लालदुहोमा को पारंपरिक महिला स्कर्ट ‘पॉनफेन’ पहने हुए दर्शाने वाला एक पोस्टर प्रदर्शित किया था।
यह विरोध मुख्यमंत्री की उस टिप्पणी के खिलाफ किया गया था, जिसे ‘इनर लाइन परमिट’ (आईएलपी) और मिजोरम शांति समझौते के महत्व को कथित तौर पर कमतर आंकने वाला बताया गया।
चार अगस्त को आयोजित युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान लालदुहोमा को महिला परिधान पहने हुए दिखाने वाला पोस्टर प्रदर्शित किया गया था।
मिजो ह्मेइछे इंसुइखॉम पावल (एमएचआईपी) के नेताओं ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजनीति हो या कोई अन्य क्षेत्र, आलोचना या व्यंग्य के लिए महिलाओं के परिधान को अपमान का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के कपड़ों को उपहास का प्रतीक बनाना महिलाओं के प्रति भेदभाव को बढ़ावा देता है और किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
संगठन ने पारंपरिक कपड़ों, खासकर भौगेलिक संकेतक (जीआई)-टैग वाले मिज़ो हाथ-बुने कपड़ों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करके मिजो सांस्कृतिक विरासत के प्रति अधिक सम्मान दिखाने की भी अपील की।
भाषा राखी अमित
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