सरकार से बातचीत के बाद मिजोरम के छात्र संगठन और ईंधन विक्रेता ने बंद का फैसला वापस लिया

Ads

सरकार से बातचीत के बाद मिजोरम के छात्र संगठन और ईंधन विक्रेता ने बंद का फैसला वापस लिया

  •  
  • Publish Date - September 17, 2026 / 06:35 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 06:35 PM IST

आइजोल, 17 सितंबर (भाषा) मिजोरम के प्रभावशाली छात्र संगठन ‘मिजो जिरलाई पॉल’ (एमजेडपी) और ‘ऑल मिजोरम पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन’ (एएमपीईडीए) ने राज्य सरकार के साथ हुई वार्ता के बाद पूरे राज्य में पेट्रोल पंपों को बंद करने के अपने-अपने फैसले वापस ले लिए हैं। इससे बृहस्पतिवार से राज्य में ईंधन आपूर्ति ठप होने का संकट टल गया है।

एमजेडपी के अध्यक्ष डॉ. सी. लालरेमरुआता ने बताया कि राज्य के गृह सचिव वनलालमाविया ने बुधवार को एमजेडपी और एएमपीईडीए के नेताओं के साथ बैठक बुलाई थी। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच हाल में उत्पन्न विवाद, पेट्रोलियम विक्रेताओं की समस्याओं और गैर-जनजातीय या बाहरी लोगों द्वारा संचालित पेट्रोल पंपों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

उन्होंने बताया कि सरकार की अपील और जनहित को ध्यान में रखते हुए, दोनों संगठनों ने सभी पेट्रोल पंपों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का अपना आह्वान वापस लेने का निर्णय लिया।

हालांकि, लालरेमरुआता ने स्पष्ट किया कि गैर-मिजो (बाहरी) लोगों द्वारा संचालित व्यवसाय को लेकर एमजेडपी अपनी आवश्यक कार्रवाई जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि उनका संगठन स्थानीय मिजो लोगों के नामों का उपयोग करके बाहरी लोगों द्वारा व्यापार संचालित करने और राज्य में गैर-जनजातीय व्यापारियों की बढ़ती उपस्थिति को लेकर बेहद चिंतित है।

लालरेमरुआता ने कहा कि 23 से 25 सितंबर तक आयोजित होने वाले एमजेडपी के आगामी अधिवेशन के एजेंडा में इस मांग को शामिल किया जाएगा कि सरकार उन स्थानीय लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाए, जो बाहरी (गैर-मिजो) व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए अपने मिजो नामों का इस्तेमाल करने देते हैं। इसके साथ ही ऐसे मामलों की पहचान कर उनकी आवश्यक जांच की जाए।

एमजेडपी ने एक बयान जारी कर मिजोरम के लोगों से अपील की कि वे व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए गैर-मिजो लोगों को अपने नाम और जमीन का उपयोग करने की अनुमति न दें।

भाषा सुमित माधव

माधव