विधायकों ने साहित्यकार आर के नारायण को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

विधायकों ने साहित्यकार आर के नारायण को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी

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  • Publish Date - May 13, 2025 / 04:12 PM IST,
    Updated On - May 13, 2025 / 04:12 PM IST

बेंगलुरु, 13 मई (भाषा) कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार समेत विभिन्न दलों के विधायकों ने ‘मालगुडी डेज़’ और ‘द गाइड’ जैसी अपनी मौलिक कृतियों के लिए विख्यात अंग्रेजी के प्रारंभिक भारतीय साहित्य के लेखकों में से एक आर.के. नारायण को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

उनका निधन 2001 में आज ही के दिन हुआ था।

कर्नाटक के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने मंगलवार को नारायण की पुण्यतिथि पर उनकी याद में ‘एक्स’ पर पोस्ट किया।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “ दिग्गज साहित्यकार आर.के. नारायण को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। अपने सौम्य, गरिमापूर्ण हास्य और गहरी मानवीयता के माध्यम से, उन्होंने रोज़मर्रा के भारतीय जीवन को कालजयी ‘मालगुडी’ साहित्य में बदल दिया। ऐसा करते हुए, उनकी कहानियों ने हमें दिखाया कि सादगी में गहराई होती है और साधारण जीवन असाधारण अर्थ रखता है।”

वहीं, विधानसभा अध्यक्ष और मंगलुरु से विधायक यूटी खादर ने कहा, “उनके सरल लेकिन गंभीर पात्र पाठकों के दिलों में जीवित रहते हैं तथा गर्मजोशी, समझदारी भरे और सौम्य व्यंग्य के साथ हमारे रोजमर्रा के जीवन को आईना दिखाते हैं।”

के आर पुरा निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक बिरथी बसवराज ने भी “अग्रणी भारतीय अंग्रेजी लेखक नारायण” को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

चेन्नई में जन्मे नारायण ने अपना काफी समय कर्नाटक के मैसूरु में बिताया। चेन्नई के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था।

अपनी “सरल” लेखन शैली के लिए जाने जाने वाले इस लेखक को भारत के बाहर भी प्रसिद्धि मिली।

‘द न्यू यॉर्कर’ में प्रकाशित नारायण की रचनाओं की समीक्षा में अमेरिकी उपन्यासकार और आलोचक जॉन अपडाइक ने उन्हें “विलुप्त होती नस्ल” का लेखक बताया जो अपने विषयों के साथ पूरी तरह से आत्मसात हो जाता है और मानवता के महत्व में विश्वास रखता है।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश