मंगलुरु (कर्नाटक), नौ सितंबर (भाषा) मंगलुरु के जिला कारागार में विचाराधीन कैदियों से 10 स्मार्टफोन बरामद होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक वेदव्यास कामत ने जेल में भीतर लगे मोबाइल फोन जैमर की प्रभावशीलता को लेकर बुधवार को सवाल उठाया।
कामत ने कहा कि मोबाइल फोन की बरामदगी से यह पता चलता है कि मोबाइल संपर्क जेल के भीतर निरंतर उपलब्ध है, जबकि वहां लगा जैमर आसपास के लोगों और संस्थानों के संचार को बाधित कर रहा है।
कामत ने सवाल किया कि जेल में लगा जैमर आम जनता के लिए है या कैदियों के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति ने प्रदेश के गृह विभाग की विफलता को उजागर किया है।
कामत के मुताबिक, जेल के आसपास स्थित संस्थान और लोग पिछले करीब डेढ़ साल से कमजोर मोबाइल संपर्क की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय जैमर से प्रभावित हैं।
उल्लेखनीय है कि जेल में औचक निरीक्षण के दौरान विचाराधीन कैदियों के कब्जे से 10 स्मार्टफोन बरामद हुए हैं।
कामत ने कहा कि उन्होंने जनता की तरफ से बार बार इस मामले को अधिकारियों के समक्ष उठाया था। कामत ने कहा कि साथ ही उन्होंने जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था और इस मुद्दे को जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के गृह मंत्री के समक्ष भी उठाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार बार बार आश्वासन देने के बावजूद कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने पूर्व में संकेत दिया था कि इस समस्या को देखने और इसका हल निकालने के लिए दिल्ली और मुंबई से तकनीकी टीम लाई जाएंगी।
कामत ने प्रदेश के गृह मंत्री प्रियंक खरगे की भी यह कहते हुए आलोचना की कि गृह विभाग बार-बार शिकायतें करने के बावजूद चुप रहा। उन्होंने सरकार से जैमर को लेकर तकनीकी समस्याओं को हल करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि जेल के भीतर सुरक्षा उपायों से समझौता ना किया जाए।
भाषा सं राजेंद्र अमित
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