Modi Cabinet Decision For Railways/Image Credit: AI
Modi Cabinet Decision For Railways: नई दिल्ली/रायपुर: मोदी कैबिनेट की अहम बैठक बुधवार 9 सितंबर को संपन्न हुई। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों में रेलवे से जुड़ा एक अहम फैसला लिया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने देश में सात रेलवे प्रोजेक्ट को फोन लेन करने की मंजूरी दी है। कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ को भी बड़ी सौगात मिली है। कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मु्ंबई-चेन्नई, बिलासपुर–कटनी फोन लेन रेलवे ट्रैक को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि, पिछले 12 सालों में छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक नए प्रोजेक्ट को मंज़ूरी दी गई है, क्योंकि यह एक आदिवासी इलाका है और यहां के लोगों की कई उम्मीदें हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है।यह आर्थिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है और देश की ऊर्जा सुरक्षा के नजरिए से भी यह इलाका बहुत अहम है।’ (Modi Cabinet Decision For Railways)
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने आगे कहा, ‘यहा मुख्य रूप से दो प्रोजेक्ट हैं। बिलासपुर से पेंड्रा और पेंड्रा से आगे कटनी की ओर कुछ जगहों पर पहले से ही तीन लाइनें बनी हुई हैं, जबकि कुछ जगहों पर दोहरी लाइनें हैं। इसी वजह से बिलासपुर से कटनी तक के पूरे सेक्शन को चार-लेन वाला बनाया जा रहा है।’ केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि इन प्रोजेक्ट्स के जरिए 5 राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 656 किलोमीटर बढ़ जाएगा।
Modi Cabinet Decision For Railways: वहीं दूसरी तरफ मुंबई हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क रूट पर खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक 4th रेल लाइन को मंजूरी दी गई है। इसकी लंबाई 367 KM है और इस पर 6528 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अरकुनम से रेनिगुन्टा तक 3rd और 4th लाइन को मंजूरी दी गई है, जिसकी लंबाई 77 KM होगी और इस पर 1936 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगें।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘आज की कैबिनेट बैठक में रेलवे के आधुनिकीकरण से जुड़े कुछ बहुत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई है, जिस पर पिछले 12 सालों से काम चल रहा है। ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के पूरी तरह से कायाकल्प और आधुनिकीकरण से जुड़े हैं। वे सात हाई-डेंसिटी वाले रेलवे कॉरिडोर को चार-लेन और चार-ट्रैक वाला बनाने का काम कर रहे हैं। साथ ही कई अन्य कॉरिडोर पर भी काम हो रहा है, जिन पर भविष्य में भारी ट्रैफिक होने की उम्मीद है।’ (Modi Cabinet Decision For Railways)
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