बुंदेलखंड में पानी की कमी से निपटने के लिए भारत-इजराइल जल परियोजना को आगे बढ़ा रही है उप्र सरकार

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बुंदेलखंड में पानी की कमी से निपटने के लिए भारत-इजराइल जल परियोजना को आगे बढ़ा रही है उप्र सरकार

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 04:22 PM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 04:22 PM IST

लखनऊ, नौ सितंबर (भाषा) बुंदेलखंड में जल संकट और जल संसाधनों की सीमितता के बीच उत्तर प्रदेश सरकार जल संरक्षण, सिंचाई दक्षता और आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए भारत-इजराइल बुंदेलखंड जल परियोजना को आगे बढ़ा रही है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

अधिकारियों ने बताया कि झांसी के विकासखंड बड़ागांव स्थित गंगावली गांव में करीब 19.1 करोड़ रुपये की लागत से जारी ‘मिनी पायलट प्रोजेक्ट’ में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं, जिनमें जलाशय का अर्थवर्क और जियोमेम्ब्रेन लाइनिंग, सोलर पंप की स्थापना, नहर से जलाशय तक इंटेक पाइप और इंटेक वेल, पीयूएफ पैनल आधारित भवनों समेत कई प्रमुख काम पूरे किये जा चुके हैं।

नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव एवं भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉक्टर राजेश कुमार प्रजापति ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य बुंदेलखंड की स्थानीय जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुसार ऐसा मॉडल तैयार करना है, जिसमें उपलब्ध पानी का अधिकतम और वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जा सके।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना में जल संरक्षण, जल भंडारण, सौर ऊर्जा, लघु सिंचाई, आधुनिक कृषि तकनीक और किसान प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ा गया है।

प्रजापति ने बताया कि इसके तहत जलाशय, नहर से पानी लाने की व्यवस्था, पाइपलाइन, सोलर पंप, ड्रिप-स्प्रिंकलर, प्राकृतिक एसटीपी, कृषि मशीनरी और आधुनिक खेती की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं और इसका मकसद किसानों को सीमित पानी में बेहतर सिंचाई और खेती का व्यावहारिक मॉडल उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि गंगावली में तैयार हो रहे मिनी पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों को आगे बड़े क्षेत्र में लागू करने की भी तैयारी है।

भूगर्भ जल विभाग के अधिशासी अभियांता व वैयक्तिक सहायक निदेशक अनुपम ने कहा कि परियोजना के वर्तमान निर्माण एवं क्रियान्वयन चरण को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

भाषा सलीम अमित

अमित