Sagar Jahrili Sharab Death Update: करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष निकला सागर शराब कांड का मास्टरमाइंड, दुकानों से ऐसे करवाता था सप्लाई,16 गिरफ्तार, फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
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Sagar Jahrili Sharab Death Update: करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष निकला सागर शराब कांड का मास्टरमाइंड, दुकानों से ऐसे करवाता था सप्लाई,16 गिरफ्तार, फरार आरोपियों पर इनाम घोषित
Publish Date - September 9, 2026 / 04:26 PM IST,
Updated On - September 9, 2026 / 04:33 PM IST
Sagar Jahrili Sharab Death Update: करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष निकला सागर शराब कांड का मास्टरमाइंड, दुकानों से ऐसे करवाता था सप्लाई,16 गिरफ्तार, फरार आरोपियों पर इनाम घोषित/image: IBC24 file
HIGHLIGHTS
जहरीली शराब कांड में अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी चंदभान उर्फ चंदू राजपूत बताया गया, 27 लोगों की मौत
रवि लखेरा और मनीष लोधी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित
सागर। Sagar Jahrili Sharab Death Update: सागर के बंडा में जहरीली शराबपीने से 27 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष समेत अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से कथित जहरीली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और करीब 16 पेटी अवैध शराब बरामद की गई है। पुलिस ने कार्रवाई को शराब के अवैध नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में अहम कड़ी बताया है।
करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष निकला मास्टरमाइंड
Sagar Jahrili Sharab Death Update पुलिस के अनुसार करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष चंदभान उर्फ चंदू राजपूत को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया गया है। जहां आरोपी अवैध तरीके से शराब तैयार कर उसे लाइसेंसी शराब दुकानों के माध्यम से सप्लाई करवाते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। मामले में फरार चल रहे रवि लखेरा और मनीष लोधी पर पुलिस ने 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 10-10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
27 मौतें, 100 अस्पताल में भर्ती (Sagar Poisonous Liquor Incident)
Sagar Jahrili Sharab Death Update इधर, बंडा शराब कांड में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 27 पहुंच गया है, जबकि 100 से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। उपचार के बाद 15 लोगों के स्वस्थ होकर घर लौटने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध शराब का निर्माण कहां किया जाता था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और लाइसेंसी दुकानों तक इसकी सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई जा रही थी।