झारग्राम (पश्चिम बंगाल), 20 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में रामकृष्ण मिशन आश्रम पर हमले की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार वोट बैंक की राजनीति के लिए संतों के खिलाफ आतंक का माहौल बनाने की छूट दे रही है।
झारग्राम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को धमकियां दे रही हैं, जिससे टीएमसी के ‘गुंडों’ को आश्रम पर हमला करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ”यह शर्मनाक है कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में हिंदुओं की धार्मिक आस्था को आहत करने का बीड़ा उठाया है। मुख्यमंत्री रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम आश्रम के साधुओं को धमका रही हैं। रविवार रात जलपाईगुड़ी में रामकृष्ण मिशन आश्रम पर हमला किया गया। बंगाल के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।’
उनकी टिप्पणी रविवार को जलपाईगुड़ी जिले में रामकृष्ण मिशन परिसर में तोड़फोड़ की उस घटना के बाद आई है, जहां उपद्रवियों ने बंदूक की नोक पर संतों और अन्य कर्मचारियों को धमकी दी थी। आरकेएम के एक अधिकारी के मुताबिक, इस घटना के पीछे एक स्थानीय भू-माफिया का हाथ था।
मोदी ने रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ संतों के खिलाफ बनर्जी की हालिया टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन सामाजिक-धार्मिक संगठनों को तृणमूल कांग्रेस के वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए धमकाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ सेवा और नैतिकता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन आज बंगाल की मुख्यमंत्री उन्हें खुलेआम धमकी दे रही हैं। ऐसा वोट बैंक को खुश करने के लिए किया जा रहा है। चूंकि मुख्यमंत्री खुद साधुओं को धमकी दे रही हैं, इसलिए टीएमसी के गुंडे अब रामकृष्ण मिशन पर हमला करने की हिम्मत कर रहे हैं। कोई रामकृष्ण मिशन के परिसर पर हमले के बारे में सोच भी कैसे सकता है।’
आरामबाग लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले गोघाट में 18 मई को एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दावा किया था कि रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ के कुछ संन्यासी भाजपा नेताओं के प्रभाव में काम कर रहे हैं।
ममता के बयान की आलोचना करते हुए मोदी ने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस को बंगाल के लोगों की भावनाओं की परवाह नहीं है। उन्हें यहां के हिंदुओं की भावनाओं से कोई सहानुभूति नहीं है। बंगाल के लोग इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे।’
प्रधानमंत्री ने बनर्जी पर अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए राज्य के साधु-संतों को गाली देने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस घबराई हुई है क्योंकि पार्टी देख रही है कि उसका समय समाप्त हो गया है। तृणमूल कांग्रेस को चुनाव में हार का अंदेशा है और इस तरह उसका गुस्सा एवं हताशा चरम पर है।’
मोदी ने रविवार को बनर्जी पर इन सामाजिक-धार्मिक संगठनों को धमकाने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि वह तृणमूल कांग्रेस के वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए मुस्लिम चरमपंथियों के दबाव में हैं।
”बंगाल की पहचान” खतरे में डालने के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों का स्वागत करती है जिससे राज्य की जनसांख्यिकी बदल रही है।’
उन्होंने कहा, ‘बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ के कारण जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है। घुसपैठ देश के लिए अच्छी है या बंगाल के लिए? वे आपकी नौकरियां, आपकी जमीन, आपके संसाधन छीन लेंगे।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ”राज्य के लोग तृणमूल कांग्रेस से खतरे का सामना कर रहे हैं। बंगाल की पहचान भी खतरे में है। आज पूरा देश बंगाल के बारे में चिंतित है। राज्य में लगभग हर दिन हिंसा और दंगे होते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है।’
मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर अपने वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए हिंदुओं की आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि घुसपैठिए पश्चिम बंगाल के लिए खतरनाक हैं क्योंकि वे राज्य की जनसांख्यिकी को प्रभावित कर रहे हैं।
उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार के लिए तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने बंगाल में हर नौकरी के लिए एक रेट कार्ड तय किया है।
मोदी ने कहा, ‘एक ओर नौकरियों को लेकर मोदी का रिपोर्ट कार्ड है तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस का रेट कार्ड। टीएमसी ने बंगाल में हर नौकरी के लिए एक रेट कार्ड रखा है, जहां नौकरियां बिकती हैं। आप पैसे देते हैं तो आपको नौकरी मिल जाएगी।’
मोदी ने यह भी कहा कि बंगाल के लोग जानते हैं कि कांग्रेस एक ‘डूबा हुआ जहाज’ है और ‘इंडिया’ गठबंधन की सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के जहाज में एक छेद है।
उन्होंने कहा, ‘वे कितनी भी कोशिश कर लें, उनका डूबना निश्चित है।’
प्रधानमंत्री को तामलुक में एक रैली को संबोधित करना था लेकिन खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर नहीं उतर सका। उन्होंने झारग्राम से ही वर्चुअल माध्यम से रैली को संबोधित किया।
भाषा ब्रजेन्द्र अविनाश नेत्रपाल
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