मोदी सरकार में अनेक योजनाओं की घोषणा, लेकिन क्रियान्वयन नहीं: कार्ति चिदंबरम

मोदी सरकार में अनेक योजनाओं की घोषणा, लेकिन क्रियान्वयन नहीं: कार्ति चिदंबरम

मोदी सरकार में अनेक योजनाओं की घोषणा, लेकिन क्रियान्वयन नहीं: कार्ति चिदंबरम
Modified Date: February 10, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: February 10, 2026 7:10 pm IST

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने केंद्र सरकार द्वारा पिछले 10 वर्षों में बजट में अनेक योजनाएं घोषित करने लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी कारण लोगों की रुचि बजट को लेकर कम हो रही है।

कार्ति चिदंबरम ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले 10 साल में बजट में बड़ी संख्या में योजनाओं की घोषणा की है लेकिन उनके क्रियान्वयन की स्थिति बहुत कमजोर है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सदन में अपने जवाब में इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

उन्होंने सदन में बजट पर चर्चा के दौरान सदस्यों की कम उपस्थिति का दावा करते हुए कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं होने के कारण ही जनता और सांसदों की रुचि बजट में घट रही है।

कार्ति ने यह भी कहा कि वित्त मंत्री को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी स्पष्टीकरण देना चाहिए और बताना चाहिए कि ‘‘क्या हम रूस और ईरान से तेल खरीदना जारी रखेंगे’’ और क्या भारत, अमेरिका के कृषि उत्पाद शून्य शुल्क पर खरीदने की अनुमति देगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीयता और देशभक्ति की बात करने वाली मोदी सरकार ने बजट में सशस्त्र बलों की दिव्यांगता पेंशन को आयकर के दायरे में लाने का गलत निर्णय लिया और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए।

वहीं, भाजपा की डी पुरंदेश्वरी ने कहा कि सरकार ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच बजट में ठोस कदम उठाए हैं।

सत्तारूढ़ पार्टी के ही जगदीश शेट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले अनेक बजट में कर्नाटक के लिए कई राजमार्गों और रेलवे परियोजनाओं की घोषणा की है, लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रयास नहीं कर रहे, बल्कि केवल प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की आलोचना करते रहते हैं।

वाईएसआर कांग्रेस के वाई एस अविनाश रेड्डी ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन कानून के तहत किए गए वादों को पूरा करने की मांग दोहराई।

समाजवादी पार्टी के लालजी वर्मा ने बजट को ‘‘आंकड़ों की बाजीगारी’’ करार देते हुए कहा कि इसमें समाधानों की बात नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि चालू वित्त वर्ष के नौ महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद 41 प्रतिशत से अधिक बजट खर्च नहीं हो पाया है।

राष्ट्रीय जनता दल के अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गरीबी उन्मूलन चाहती है तो उसे बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले) लोगों से जीएसटी लेने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने मांग की कि बीपीएल श्रेणी के लोगों को जीएसटी से छूट का एक कार्ड दिया जाना चाहिए।

उन्होंने सांसद क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड) बढ़ाने की भी मांग की।

भाषा

वैभव सुभाष

सुभाष


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