मोदी सरकार ने चर्चा के लिए संसद का दरवाजा बंद किया, इसलिए निकालनी पड़ रही है ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ : खरगे

मोदी सरकार ने चर्चा के लिए संसद का दरवाजा बंद किया, इसलिए निकालनी पड़ रही है ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ : खरगे

मोदी सरकार ने चर्चा के लिए संसद का दरवाजा बंद किया, इसलिए निकालनी पड़ रही है ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ : खरगे
Modified Date: January 10, 2024 / 05:44 pm IST
Published Date: January 10, 2024 5:44 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चर्चा के लिए संसद का दरवाजा बंद कर दिया है, इसलिए लोगों की आवाज उठाने के मकसद से राहुल गांधी को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकालनी पड़ रही है।

उन्होंने पार्टी के अग्रिम संगठनों और विभागों के पदाधिकारियों की बैठक में यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर प्रगति हो रही है तथा इस गठबंधन की ताकत से भाजपा डर गई है।

खरगे ने कहा, ‘‘विपरीत माहौल के बावजूद हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को भाजपा से भी अधिक कुल 4.92 करोड़ वोट मिले, लेकिन उम्मीद के मुताबिक सीटें हमें नहीं मिलीं। इन बातों की समीक्षा बैठकों में हुई है। पीछे देखने के साथ अब हमें आगे देखना है। हमें भरोसा है कि हमारी मेहनत रंग लाएगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी महसूस कर रहे होंगे कि देश बदलाव चाहता है, लेकिन इसे साकार बनाने के लिए हमें जमीनी स्तर पर रात-दिन श्रम करना होगा।’’

खरगे ने कहा, ‘‘राहुल गांधीजी के नेतृत्व में 14 जनवरी से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मणिपुर से शुरू होने वाली है। करीब 6,700 किलोमीटर दूरी तय करके यह यात्रा 15 राज्यों से होकर मुंबई में समाप्त होगी। यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय तीनों पर केंद्रित है। इस यात्रा की सफलता में हम सबकी भूमिका होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ये आम यात्रा नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र और संविधान बचाने की यात्रा है। राहुल जी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकली, जो ऐतिहासिक रूप से बेहद सफल रही। फिर भी यह यात्रा निकालनी पड़ी, क्योंकि संसद जैसे राष्ट्रीय मंच का दरवाज़ा मोदी सरकार ने बंद कर दिया है। देश के बुनियादी मसलों पर संसद में चर्चा बंद है।’’

उन्होंने दावा किया कि मणिपुर से लेकर संसद की सुरक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और दूसरे सभी सवालों पर संसद में चर्चा की इज़ाज़त ही नहीं है।

खरगे ने कहा, ‘‘बीते शीतकालीन सत्र में देश के संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा 146 विपक्षी सांसद निलंबित किए गए। इनका गुनाह क्या था। ये सांसद संसद पर हमले की घटना पर चर्चा चाहते थे। सरकार ने इनको निलंबित किया और फिर आपराधिक कानूनों से संबंधित विधेयक, दूरसंचार विधेयक, निर्वाचन आयुक्त विधेयक जैसे विधेयकों को बिना विपक्ष की भागीदारी के पारित कराया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जनविरोधी विधेयक उसी तरह पारित हुए, जैसे 2020 में कृषि कानूनों को पास किया था। अब जनता इनका विरोध करने लगी है।’’

खरगे ने दावा किया कि भाजपा इन मुद्दों पर अपनी विफलता को स्वीकार करने से बच रही है और इसलिये भावनात्मक कार्ड खेल कर ध्यान भटका रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज माहौल अलग है। विपक्ष एक साथ है। इसीलिए ‘इंडिया’ गठबंधन की ताकत से राजग की बेचैनी साफ दिख रही है। वे ‘इंडिया’ गठजोड़ की शक्ति को समझ गए हैं।’’

खरगे के अनुसार, गत 19 दिसंबर को दिल्ली में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की चौथी बैठक में सीट-बंटवारे से लेकर तमाम मसलों पर चर्चा हुई थी तथा उसमें प्रगति हो रही है और काम जारी है। उन्होंने कहा कि इस बीच, कांग्रेस के 139वें स्थापना दिवस पर पार्टी ने नागपुर में एक बड़ी सफ़ल रैली की और कई पहल की हैं।

उन्होंने अग्रिम संगठनों और विभागों के पदाधिकारियों से कहा, ‘‘चुनाव के लिहाज से आप सभी को भी अपनी भूमिकाओं का विस्तार करना है। मतदाताओं के साथ लगातार संपर्क में रहना है। उनके सवालों का जवाब देने के साथ राजनीतिक विरोधियों द्वारा फैलायी जा रही झूठी बातों की काट करनी है। अपनी बात भी रखनी है। हमेशा अनुशासन में रहना है।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अहंकार, पाप और झूठ की उम्र बहुत कम होती है, लेकिन सत्य अजर अमर होता है। हमारे नायकों ने सत्य के रास्ते संघर्ष का जो रास्ता हमें सिखाया है, उसी पर कायम रहते हुए जनता को न्याय दिलाने के साथ हम विजय हासिल करेंगे।’’

भाषा हक हक दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में