नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि ‘पारिस्थितिकी रूप से विनाशकारी’ ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर अदालतों में याचिकाएं दायर हुई हैं और पेशेवर लोगों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं, लेकिन ‘उदासीन मोदी सरकार’ पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें दावा किया गया कि ‘लिटिल और ग्रेट निकोबार’ में जनजातीय परिषद के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि ग्रेट निकोबार द्वीप बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए रास्ता बनाने के मकसद से जिला प्रशासन द्वारा उन पर अपनी ‘पैतृक भूमि’ का ‘समर्पण’ करने का दबाव डाला जा रहा है।
रमेश ने कहा कि पारिस्थितिकी रूप से विनाशकारी ग्रेट निकोबार परियोजना के जरिये स्थानीय लोगों के अधिकारों को किस तरह से कुचला जा रहा है, इसका एक और उदाहरण। उन्होंने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण में भी याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है तथा पेशेवरों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है लेकिन उदासीन मोदी सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
उन्होंने परियोजना के प्रभाव को लेकर दावा किया कि यह एक पारिस्थितिक आपदा है।
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