नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों की तरह लाखों छात्रों और युवाओं की गंभीर चिंताओं के प्रति भी ‘‘असंवेदनशील और उदासीन’’ है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह दावा भी किया कि ठीक एक साल पहले तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को उनके पांच साल के कार्यकाल के तीन वर्ष बाद ‘‘इस्तीफा देने के लिए मजबूर’’ किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ‘‘बड़े धूमधाम’’ से धनखड़ को पद पर लाए थे, लेकिन किसानों की दुर्दशा और पीड़ा तथा मोदी सरकार की उनके प्रति ‘‘चौंकाने वाली असंवेदनशीलता’’ पर बार-बार अपनी व्यथा व्यक्त करने के कारण धनखड़ को अचानक पद छोड़ना पड़ा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘‘इसी तरह की असंवेदनशीलता और उदासीनता’’ अब लाखों छात्रों और युवाओं की गंभीर चिंताओं के मामले में भी पूरी तरह दिखाई दे रही है।
रमेश ने कहा कि धनखड़ को राज्यसभा के सदस्यों की ओर से औपचारिक विदाई देने का शिष्टाचार भी नहीं दिखाया गया।
पिछले साल संसद के मानसून सत्र के दौरान 21 जुलाई को तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे अपने त्यागपत्र में स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सकीय सलाह का हवाला दिया था।
भाषा हक शफीक
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