One Officer, One Government Vehicle: भाजपा सरकार ने लागू की “एक अधिकारी एक सरकारी गाड़ी” की पॉलिसी.. इन अफसरों पर पड़ेगा सीधा असर, जान लें क्या है नए नियम

Ads

केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और खर्च कम करने के लिए 'एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी' नीति लागू कर दी है। नए नियमों के तहत अतिरिक्त प्रभार मिलने पर अलग सरकारी वाहन नहीं मिलेगा।

  •  
  • Publish Date - July 28, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 05:16 PM IST

One Officer, One Government Vehicle Policy || Image- Car Fans and Owners FILE

HIGHLIGHTS
  • अतिरिक्त प्रभार पर दूसरी सरकारी स्टाफ कार नहीं मिलेगी अब।
  • एक अधिकारी एक सरकारी गाड़ी सिद्धांत सख्ती से लागू होगा।
  • PSU और स्वायत्त संस्थाओं की गाड़ियों पर नई पाबंदी लगी।

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और सरकारी खर्च कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी सीनियर अधिकारी को एडिशनल चार्ज मिलने पर दूसरी सरकारी स्टाफ कार नहीं दी जाएगी। (One Officer, One Government Vehicle Policy) वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी मंत्रालयों और विभागों को जारी निर्देश में कहा है कि जिस अधिकारी को उसके मूल पद के लिए सरकारी वाहन पहले से मिला है, उसे किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग, पीएसयू या संस्था का अलग से प्रभार मिलने पर दूसरी गाड़ी नहीं दी जाएगी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

Government Vehicle Policy India: एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब ‘एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी’ के सिद्धांत का पालन किया जाएगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन सरकारी वाहनों का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।

New government vehicle rules: PSU की गाड़ियों के इस्तेमाल पर भी रोक

सरकार ने यह भी साफ किया है कि केंद्रीय सरकारी अधिकारी अब सार्वजनिक उपक्रमों, संस्थाओं या सेमी गवर्मेंट की गाड़ियों का रेग्युलर उपयोग नहीं कर सकेंगे। (One Officer, One Government Vehicle Policy) केवल आधिकारिक दौरे के दौरान ही ऐसे वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

Government Staff Car Rules: सभी मंत्रालयों को भेजे गए निर्देश

यह आदेश सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, वित्तीय सलाहकारों और केंद्रीय मंत्रियों के निजी सचिवों को भेज दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, अनावश्यक खर्च कम होगा और सरकारी वाहनों के आवंटन में पारदर्शिता आएगी।

इन्हें भी पढ़ें:

ओयो की मूल कंपनी प्रिज्म ने ब्रिटेन में किया विस्तार, 40 नए प्रीमियम होटल जोड़े

विदेश सचिव मिसरी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ‘सेंट्रल पार्टी स्कूल’ के उपाध्यक्ष से मुलाकात की

20 साल बाद चार मैचों की श्रृंखला के लिये पाकिस्तान पहुंची कोरियाई हॉकी टीम

तमिलनाडु में मोंटेक सिंह अहलूवालिया की अध्यक्षता में समिति गठित, राजस्व बढ़ाने के उपाय सुझाएगी

प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने के बाद मेटा के अधिकारी तलब; सरकार ने कंपनी का स्पष्टीकरण ‘खारिज’ किया

 

'एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी' नीति क्या है?

उत्तर: इस नीति के तहत जिस अधिकारी को पहले से सरकारी स्टाफ कार मिली है, उसे अतिरिक्त प्रभार मिलने पर दूसरी सरकारी गाड़ी आवंटित नहीं की जाएगी।

क्या केंद्रीय अधिकारी अब PSU की गाड़ियों का उपयोग कर सकेंगे?

उत्तर: नियमित उपयोग की अनुमति नहीं होगी। केवल आधिकारिक दौरे के दौरान ही PSU, स्वायत्त संस्थाओं या अर्ध-सरकारी संगठनों के वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

सरकार ने यह नया नियम क्यों लागू किया है?

उत्तर: सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग, अनावश्यक खर्च में कमी, वाहनों के दुरुपयोग पर रोक और आधिकारिक वाहन आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।