गोपीबल्लवपुर (पश्चिम बंगाल), 17 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों को छीनने और विभिन्न पिछड़े समुदायों के बीच मतभेद उत्पन्न करने की योजना बनाने का शुक्रवार को आरोप लगाया।
झाड़ग्राम लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उम्मीदवार कालीपद सोरेन के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का लक्ष्य राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करके आदिवासियों को जड़ से उखाड़ना है और अंततः उन्हें उनके भूमि अधिकारों से वंचित करना है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आदिवासियों और कुर्मियों के बीच तनाव पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार आदिवासियों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा के लिए समर्पित है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह सुनिश्चित करने के लिए पहले ही एक कानून पारित कर दिया है कि आदिवासी अपनी पैतृक भूमि पर निवास कर सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा एनआरसी के जरिए आदिवासियों, कुर्मियों और अन्य पिछड़ी जातियों को बाहर निकालना चाहती है और समान नागरिक संहिता लाकर उनके बीच लड़ाई कराना चाहती है। लेकिन मैं अपनी आखिरी सांस तक उनकी रक्षा करने की कसम खाती हूं।’’
उन्होंने मीडिया के एक वर्ग पर केंद्र की भाजपा सरकार की उपलब्धियों के बारे में प्रधानमंत्री की तस्वीरों वाले भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘भाजपा गलत जानकारी के साथ विज्ञापन प्रकाशित कर रही है। ऐसे ही एक विज्ञापन में कहा गया है कि प्रवासी हिंदू और सिख समुदाय सीएए (नागरिकता (संशोधन) अधिनियम) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। कृपया उन पर विश्वास न करें, आप (मतदाता) सभी पहले से ही वास्तविक नागरिक हैं, यदि आप आवेदन करते हैं, तो आपको बाहर कर दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे मन में पत्रकारों के खिलाफ कुछ भी नहीं है, लेकिन उन प्रकाशनों के प्राधिकारी बिना किसी जांच के ऐसे विज्ञापनों को कैसे प्रकाशित होने देते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर ‘इंडिया’ गठबंधन केंद्र की सत्ता में आता है, तो मैं आश्वासन देती हूं कि एनआरसी को खत्म कर दिया जाएगा। हम ऐसे कानून लाएंगे जो आदिवासियों को उनकी जमीन पर स्थायी अधिकार सुनिश्चित करेंगे।’’
बनर्जी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर अपने कार्यकाल के दौरान जंगलमहल क्षेत्र में अशांति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और इसकी तुलना 2011 से क्षेत्र में समृद्धि लाने के उनकी सरकार के प्रयासों से की।
उन्होंने कहा, ‘‘2011 से जंगलमहल मुस्कुरा रहा है। भाजपा को वोट न दें, सताने वाले माकपा को वोट न दें।’’
भाषा अमित धीरज
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