मोदी सरकार का पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाना ‘डकैती’ है: खरगे
मोदी सरकार का पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ाना 'डकैती' है: खरगे
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में फिर से वृद्धि होने के बाद सोमवार को आरोप लगाया कि यह मोदी सरकार द्वारा रोजाना की जाने वाली ‘डकैती’ है और इसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।
कांग्रेस प्रमुख ने सवाल किया कि आखिर इस डकैती का फायदा किसे हो रहा है?
पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर वृद्धि की गयी। पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल के दाम 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ाये गये हैं। पिछले दो सप्ताह से भी कम समय में यह चौथी बार है जब कीमतों में बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 102.12 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 99.51 रुपये प्रति लीटर थी। डीजल के दाम 2.71 रुपये बढ़ाकर 95.20 रुपये प्रति लीटर कर दिए गए हैं, जो पहले 92.49 रुपये प्रति लीटर थे।
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘ईंधन लूट का रोजाना होने वाला आक्रमण अभी ख़त्म नहीं हुआ है।10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी की है। पेट्रोल की कीमत में 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में डीज़ल- 7.53 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने आम लोगों की बचत को जलाने के लिए पेट्रोल छिड़का है।
कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है, ‘वर्ष 2004 से 2014 के बीच, संप्रग सरकार के दौरान, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में 175.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मोदी सरकार के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें एक प्रतिशत भी नहीं बढ़ीं। इसके बावजूद मोदी सरकार. पेट्रोल की कीमतें 2014 में 71.41 प्रति लीटर से बढ़कर 2026 में 102.12 प्रति लीटर हो गईं, 43.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई। डीजल की कीमतें 56.71 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गईं यानी 67.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई।’
उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार पिछले 12 वर्षों में 43 लाख करोड़ रुपये लूट चुकी है।
खरगे ने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी के साथ आज एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी के शेयरों में क्रमश: 5.8 प्रतिशत, 4.44 प्रतिशत और 3.90 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। जनता से ज़्यादा मुनाफ़ा कमाना भाजपा का डीएनए है।’
उनका कहना है, ‘ईंधन मूल्य वृद्धि घरेलू बजट पर एक और झटका है, और इसका अर्थव्यवस्था के हर पहलू पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। किसानों से लेकर एमएसएमई तक, समाज का हर वर्ग भाजपा की लूट का खामियाजा भुगत रहा है।’
उन्होंने सवाल किया कि इस रोजाना होने वाली डकैती से किसे लाभ हो रहा है?
भाषा हक रंजन
रंजन

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