मानसून में देरी: मराठवाड़ा के प्रमुख बांधों में जल भंडारण घटकर 33.59 प्रतिशत रहा
मानसून में देरी: मराठवाड़ा के प्रमुख बांधों में जल भंडारण घटकर 33.59 प्रतिशत रहा
छत्रपति संभाजीनगर, 30 जून (भाषा) मानसून के आगमन में देरी के कारण मराठवाड़ा की 11 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में जल स्तर घटकर 33.59 प्रतिशत रह गया है, जबकि दो जलाशय पूरी तरह सूख चुके हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, आठ जिलों वाले मराठवाड़ा क्षेत्र में जून महीने में होने वाली अनुमानित वर्षा की तुलना में केवल 79.6 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। क्षेत्र में आम तौर पर होने वाली 129.5 मिलीमीटर की औसत बारिश के मुकाबले अब तक केवल 103.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण इन 11 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 182.07 अरब घन फुट (टीएमसी) है। सोमवार तक इन जलाशयों में उनकी क्षमता का केवल 33.59 प्रतिशत पानी बचा था, जो पिछले साल इसी दिन दर्ज किए गए 42.85 प्रतिशत (78.01 टीएमसी) के मुकाबले काफी कम है।
आंकड़ों के मुताबिक, धाराशिव और हिंगोली जिलों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर नजर आ रही है। धाराशिव की सीना कोलेगांव परियोजना में जल स्तर शून्य से नीचे (-2.87 प्रतिशत) पहुंच गया है, जबकि हिंगोली की सिद्धेश्वर परियोजना पूरी तरह खाली हो चुकी है, जिसमें पिछले साल इस समय 21.39 प्रतिशत पानी उपलब्ध था।
इसके अलावा, बीड जिले की माजलगांव और मांजरा परियोजनाओं में जल स्तर क्रमशः 18.75 प्रतिशत और 19.12 प्रतिशत पर आ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र की अन्य प्रमुख परियोजनाओं में वर्तमान उपयोगी भंडारण (लाइव स्टोरेज) के तहत जायकवाड़ी (छत्रपति संभाजीनगर) में 28.03 प्रतिशत, निम्न दुधना (परभणी) में 25.50 प्रतिशत, येलदरी (परभणी) में 51.70 प्रतिशत, पेनगंगा (नांदेड़) में 44.97 प्रतिशत, मानार (नांदेड़) में 40.49 प्रतिशत, निम्न तेरणा (धाराशिव) में 35.06 प्रतिशत और विष्णुपुरी (नांदेड़) में 36.51 प्रतिशत पानी बचा है।
भाषा
सुमित दिलीप
दिलीप

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