नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस साल स्वाइन फ्लू के 1,700 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि देखी जाती है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि राजधानी में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से शुक्रवार को मुलाकात करेंगे।
सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘मामलों की संख्या और समग्र स्थिति का आकलन करने के लिए एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सब कुछ नियंत्रण में है। घबराहट की कोई जरूरत नहीं है। सभी सरकारी अस्पतालों को पर्याप्त उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।’
मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रख रही है।
सिंह ने कहा कि अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों को संक्रमण के पैटर्न, प्रभावित क्षेत्रों और संभावित ‘हॉटस्पॉट’ पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए जा रहे हैं।
दिल्ली में डॉक्टरों ने कहा कि इन्फ्लूएंजा और समान लक्षणों वाले रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दिख रही है।
सर गंगाराम अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा विभाग में डॉक्टर डॉ. ऋषिकेश देसाई ने कहा कि अस्पताल में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्वस्थ व्यक्ति उबर जाते हैं, लेकिन वृद्धों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों में इन्फ्लूएंजा गंभीर हो सकता है।
डॉ. देसाई ने कहा, ‘टीकाकरण, हाथ साफ रखने, बीमार होने पर निकट संपर्क से बचना और संक्रमण अवधि के दौरान घर पर रहना अहम है, क्योंकि इससे बीमारी का फैलना सीमित हो जाता है।”
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