नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल से 15.50 लाख रुपये की ठगी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी साइबर ठगी करने वाले गिरोहों को ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते उपलब्ध कराने में शामिल थे और उनके तार कंबोडिया तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों से जुड़े पाए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि ये बैंक खाते राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज 17 शिकायतों से संबंधित हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लुधियाना के सरबजीत (38), सूरज (30), संदीप (32) और सीकर के नरेश उर्फ लकी के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने साइबर-ठगी गिरोह के लिए मददगार के रूप में काम किया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता दक्षिण दिल्ली के मुनिरका एन्क्लेव में रहने वाले सेवानिवृत्त कर्नल को 15 अप्रैल को फोन कर बताया गया कि महाराष्ट्र पुलिस के आदेश पर उनका फोन नंबर बंद किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद उनसे दूसरे नंबर से संपर्क किया गया जहां एक व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके विवरण का इस्तेमाल अवैध बैंक खाते खोलने में किया गया है और यह खाता मुंबई में धन शोधन, निवेश धोखाधड़ी और आतंकवाद वित्तपोषण से जुड़ा पाया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के फर्जी गिरफ्तारी वारंट, अदालत के दस्तावेज, अग्रिम जमानत संबंधी दस्तावेज और मुंबई उच्च न्यायालय तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से जुड़े फर्जी पत्र भेजकर शिकायतकर्ता को फांस लिया।
डीसीपी ने बताया कि इसके बाद उन्हें और उनकी पत्नी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की जानकारी दी गई और संपत्ति का विवरण साझा करने के लिए मजबूर किया गया।
अधिकारी ने बताया कि आरबीआई के कथित निर्देशों के आधार पर उनसे 15.50 लाख रुपये हस्तांतरित कराए गए।
पुलिस के अनुसार, मामले में 19 अप्रैल को दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत ई-प्राथमिकी दर्ज की गई।
डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान ठगी की रकम लुधियाना के सरबजीत के खाते में पहुंचने का पता चला और पूछताछ में सामने आया कि उसने अपना चालू खाता सूरज को दिया था, जिसे सूरज ने सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम’ के जरिए नरेश उर्फ लकी तक पहुंचाया था।
पुलिस ने बताया कि सरबजीत, सूरज और संदीप खाते की किट नरेश को सौंपने के लिए जयपुर गए थे और नरेश ने ही ठगों को खाता उपलब्ध कराया था। बाद में राजस्थान में छापेमारी कर नरेश को गिरफ्तार किया गया।
गोयल ने बताया कि जांच में सामने आया कि नरेश ‘टेलीग्राम’ के जरिए सूरज से चालू खाते हासिल करता था और उन्हें कंबोडिया तथा यूएई में सक्रिय साइबर ठगी करने वालों को उपलब्ध कराता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। मामले में जांच जारी है।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश