पुणे, आठ अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने शनिवार को कहा कि बार-बार होने वाले तबादलों से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि इससे उन्हें “सकारात्मक बदलाव लाने” के अधिक अवसर भी मिलते हैं।
उन्होंने पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही।
ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी माने जाने वाले वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी का दो दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान दो दर्जन से अधिक बार तबादला हो चुका है।
बार-बार होने वाले तबादलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “बार-बार तबादलों से मुझे कोई परेशानी नहीं होती। वास्तव में, बदलाव प्रगति का अभिन्न हिस्सा है। मेरे जितने अधिक तबादले होंगे, मुझे सकारात्मक बदलाव लाने के उतने ही अधिक अवसर मिलेंगे।”
एफडीए आयुक्त का पदभार संभालने के बाद मुंढे ने मिलावटखोरी, साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं और उचित लाइसेंस के बिना चल रहे कारोबार के खिलाफ पूरे राज्य में कार्रवाई अभियान शुरू किया है।
जारी कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर आईएएस अधिकारी ने कहा कि जनस्वास्थ्य के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मिलावटी खाद्य पदार्थ, जहरीली शराब और घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं। एफडीए ने शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया है और नागरिकों की ओर से इसे उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। उच्च न्यायालय की कैंटीन से लेकर सरकारी कार्यालयों तक हर जगह नियमों के अनुसार निरीक्षण किए जा रहे हैं।”
उन्होंने जेन जी के बारे में भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि हर युवा को बिना दूसरों की देखा-देखी किए अपने सपनों, विवेक और अंतर्मन की आवाज़ का अनुसरण करना चाहिए।
भाषा तान्या रंजन
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