भुवनेश्वर, चार अगस्त (भाषा) ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई. बी. खुरानिया ने मंगलवार को कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और लगभग हर आपराधिक जांच में डिजिटल साक्ष्य एक महत्वपूर्ण घटक बन गया है।
उन्होंने यह बात ओडिशा पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी)-अपराध शाखा और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), भुवनेश्वर के बीच साइबर अपराध की जांच को मजबूत करने, डिजिटल फॉरेंसिक क्षमताओं का विस्तार करने और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के अवसर पर कही।
इस कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी 34 पुलिस जिलों और अपराध शाखा के 480 पुलिसकर्मियों को 16 बैच में प्रशिक्षण दिया जाएगा। खुरानिया ने पहले बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया।
उन्होंने इस अवसर को ओडिशा पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में ‘एक ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी स्थापित करेगा और राज्य में साइबर पुलिसिंग के नए दौर की शुरुआत करेगा।
डीजीपी ने कहा, ‘‘फर्जी खाता धोखाधड़ी, ऑनलाइन निवेश घोटाले और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में नए आपराधिक कानूनों ने फॉरेंसिक विज्ञान को आपराधिक जांच के केंद्र में ला दिया है।’’
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विधिसम्मत जब्ती, संरक्षण और सुरक्षित रखरखाव की क्षमता प्रत्येक पुलिस अधिकारी का मूल कौशल बननी चाहिए।
खुरानिया ने बताया कि राज्य सरकार ने साइबर पुलिसिंग का बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए 20 साइबर अपराध एवं आर्थिक अपराध पुलिस थानों की स्थापना की है तथा राज्यभर के पुलिस थानों को लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य के आधुनिक ‘हार्डवेयर’ और ‘सॉफ्टवेयर’ उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने कहा कि एनएफएसयू के साथ यह सहयोग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसमें अपराध स्थल प्रबंधन, उच्च शिक्षा, संयुक्त अनुसंधान, फॉरेंसिक अवसंरचना का विकास और तकनीकी परामर्श भी शामिल होगा।
उन्होंने बताया कि दोनों संस्थानों के समन्वयक समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे तथा इसकी समीक्षा के लिए प्रत्येक छह महीने में बैठक आयोजित की जाएगी।
सीआईडी-अपराध शाखा के महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने कहा कि इस साझेदारी से विभाग को सभी स्तरों के पुलिसकर्मियों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।
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