नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में 2024 में हत्या और अपहरण के मामलों में मामूली कमी आई। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में हत्या के 504 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में ऐसे 506 और 2022 में 509 मामले सामने आए थे।
एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में दिल्ली में अपहरण के 5,580 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में सामने आए ऐसे मामलों की संख्या 5,715 और 2022 में 5,641 थी।
आंकड़ों पर गौर करें तो 2024 में राष्ट्रीय राजधानी में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में भी मामूली कमी आई और यह आंकड़ा 2023 में 7,769 के मुकाबले घटकर 7,662 हो गया। हालांकि, 2022 में शहर में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,468 मामले दर्ज किए गए थे।
एनसीआरबी की “भारत में अपराध 2024” रिपोर्ट से पता चलता है कि 2024 में दिल्ली में प्रति एक लाख आबादी पर हत्या के 2.3 मामले दर्ज किए गए, जो राष्ट्रीय औसत 1.9 से अधिक है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली में 2024 में हत्या के 90.48 फीसदी मामलों में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर हत्या के कुल 27,049 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 27,721 और 2022 में 28,522 थी।
इसमें कहा गया है कि 2024 में राष्ट्रीय स्तर पर हत्या के 84.7 फीसदी मामलों में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किए।
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दिल्ली में देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुकाबले अपहरण के अधिक मामले दर्ज किए गए। इसमें कहा गया है कि 2024 में राष्ट्रीय राजधानी में प्रति एक लाख आबादी पर अपहरण के 25.5 मामले सामने आए, जो राष्ट्रीय औसत (प्रति एक लाख आबादी पर 6.8) से कई गुना ज्यादा हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में अपहरण के 8.5 फीसदी मामलों में ही आरोप पत्र दाखिल किए गए, जो राष्ट्रीय औसत (30.9 प्रतिशत) से काफी कम है।
इसमें कहा गया है कि 2024 में देशभर में अपहरण के 96,079 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 1,13,564 और 2022 में 1,07,588 था।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में प्रति एक लाख बाल आबादी पर बच्चों के खिलाफ अपराध के 138.4 मामले सामने आए, जो राष्ट्रीय औसत (42.3) से कहीं अधिक हैं।
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में आरोप पत्र दाखिल करने की दर 2024 में 31.7 प्रतिशत थी, जो राष्ट्रीय औसत 61.4 प्रतिशत से काफी कम है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में देशभर में बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,87,702 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 1,77,335 और 2022 में 1,62,449 था।
राज्यवार बात करें तो 2024 में बच्चों के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा 24,171 मामले महाराष्ट्र में दर्ज किए गए, जिसके बाद उत्तर प्रदेश (22,222) और मध्यप्रदेश (21,908) का स्थान आता है।
एनसीआरबी के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में अनुसूचित जाति (एससी) के लोगों के खिलाफ अपराध और अत्याचार के 133 मामले रिकॉर्ड किए गए, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 128 और 2022 में 130 था।
आंकड़ों के अनुसार, 2024 में देशभर में अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ अपराध के कुल 55,698 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 57,789 और 2022 में 57,582 थी।
एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में दिल्ली में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों के खिलाफ अपराध और अत्याचार के चार मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा 2023 में दर्ज ऐसे मामलों से दो अधिक है। 2022 में ऐसा कोई मामला नहीं रिकॉर्ड किया गया था।
आंकड़ों पर गौर करें तो, 2024 में देशभर में अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अपराध के कुल 9,966 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में यह संख्या 12,960 और 2022 में 10,064 थी।
भाषा पारुल माधव
माधव