लोहे के पुल के पास लूट का विरोध करने पर की गई थी हत्या: मृतक के फुफेरा भाई समेत चार पकड़े गए

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लोहे के पुल के पास लूट का विरोध करने पर की गई थी हत्या: मृतक के फुफेरा भाई समेत चार पकड़े गए

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 06:34 PM IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) उत्तर दिल्ली में लोहे के पुल के पास ई-रिक्शा सवार व्यक्ति से 35 लाख रुपये लूटने की कोशिश में उसकी चाकू मारकर हत्या करने और अन्य सवारियों को जख्मी करने के आरोप में पीड़ित के फुफेरे भाई समेत चार लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश में कानपुर निवासी ओम सिंह (21) एवं अभिषेक (24) तथा झांसी के रहने वाले दीपू राठौड़ (28) के तौर पर हुई है। इसके अलावा 16-वर्षीय एक किशोर को भी पकड़ा गया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 24 सितंबर को मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी शिकायतकर्ता सचिन अपने चाचा प्रभात के साथ गांधी नगर बाजार से पैसा एकत्रित कर ई-रिक्शा से चांदनी चौक जा रहा था, तभी शाम करीब 7:20 बजे लोहे के पुल के पास नीली छतरी मंदिर अंडरपास में चार अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।

उत्तर दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निहारिका भट्ट ने बताया कि बदमाशों ने प्रभात से नकदी से भरा बैग छीनने का प्रयास किया और विरोध करने पर हमलावरों ने प्रभात, सचिन और एक अन्य यात्री पर चाकू से हमला कर दिया और नकदी भरा बैग लेकर फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल प्रभात को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अधिकारी ने बताया कि बदमाश करीब 35 लाख रुपये लूटकर ले गए थे। इस बाबत कश्मीरी गेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच के लिए कई टीम गठित की गईं।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया। फुटेज में एक कार संदिग्ध दिखी जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। गहन जांच के बाद कार के असली मालिक दीपू का पता चला।

पुलिस ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच के दौरान एक संदिग्ध नंबर सामने आया, जो मृतक प्रभात और आरोपी दीपू दोनों से संपर्क में था।

भट्ट ने बताया कि यह नंबर मृतक के फुफेरे भाई ओम सिंह का निकला, जिसके बाद पुलिस टीमों ने कानपुर, झांसी और इटावा में छापेमारी कर ओम सिंह, दीपू अभिषेक और एक नाबालिग को पकड़ लिया।

अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में ओम सिंह ने खुलासा किया कि प्रभात ने गांधी नगर से नकदी इकट्ठा कर ई-रिक्शा से जाने की बात उसे बताई थी और उसने यह जानकारी अन्य आरोपियों के साथ साझा की।

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इसके बाद आरोपियों ने नोएडा में वारदात को अंजाम देने की साजिश रची।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी में से 2,29,800 रुपये बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, लूट की रकम आपस में बांटने के बाद आरोपी अलग-अलग शहरों में भाग गए थे। मामले में शामिल तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी और बाकी बची रकम की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश