कोहिमा, 26 जून (भाषा) नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने राज्य की मूल पहचान और पारंपरिक कानूनों की रक्षा को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से इनर लाइन परमिट (आईएलपी) को और मज़बूती से लागू करने का आह्वान किया।
कोहिमा विलेज बहुउद्देशीय भवन के उद्घाटन के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रियो ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 371ए के तहत नगा समुदाय को प्राप्त विशेष संवैधानिक संरक्षण तथा 1873 के बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन (बीईएफआर) ने समुदाय को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और ग्राम प्रशासन व्यवस्था को बनाए रखने में मदद की है।
उन्होंने जोर दिया कि राज्य की विशिष्ट पहचान को बचाने के लिए इन सुरक्षा उपायों को बनाए रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तय करने के लिए कि कौन किस गांव का मूल निवासी है, ग्राम परिषद ही सक्षम प्राधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही बाहरी लोग कानूनी तौर पर नगालैंड में रह और काम कर सकते हैं, लेकिन उन्हें मूल निवासी का दर्जा नहीं दिया जा सकता।
उन्होंने ग्राम परिषदों, नियोक्ताओं, संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि वे आईएलपी के कार्यान्वयन को मज़बूत करने और मूल निवासी प्रमाण-पत्र के दुरुपयोग को रोकने के लिए गैर-स्थानीय निवासियों के उचित दस्तावेज़ीकरण को सुनिश्चित करें।
रियो ने 2027 की जनगणना में लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सटीक जनसंख्या आंकड़े प्रभावी योजना निर्माण और संसाधनों को न्यायसंगत तरीके से मुहैया कराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप