नगालैंड सरकार एफएनटीए के लिए अंतरिम परिषद के गठन पर काम कर रही है: भल्ला

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नगालैंड सरकार एफएनटीए के लिए अंतरिम परिषद के गठन पर काम कर रही है: भल्ला

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 05:32 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 05:32 PM IST

कोहिमा, दो मार्च (भाषा) नगालैंड के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन’ (ईएनपीओ) और पूर्वी नगालैंड के आदिवासी होहोस के साथ परामर्श करके ‘फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी’ (एफएनटीए) के लिए अंतरिम परिषद के गठन पर काम कर रही है।

नगालैंड विधानसभा के बजट सत्र 2026-27 के पहले दिन अपने पहले संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि राज्य सरकार गृह मंत्रालय के परामर्श से एफएनटीए के गठन के लिए विशेष कानून बनाने की दिशा में शीघ्र ही कदम उठाएगी।

उन्होंने कहा कि पांच फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन में इसके लिए प्रावधान किया गया है।

भल्ला ने 14 वीं विधानसभा के आठवें सत्र के प्रारंभ में सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि सदन अपनी चर्चाओं के दौरान उच्चतम लोकतांत्रिक मानकों को बनाए रखेगा।

भल्ला ने नगा राजनीतिक मुद्दे का जिक्र करते हुए शीघ्र और सम्मानजनक समाधान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने संवाद को सुगम बनाने के लिए मंत्रियों, सभी जनजातियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के नेताओं और राज्य के सांसदों से मिलकर बनी एक राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के गठन पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए एक उप-समिति का भी गठन किया गया है।

उन्होंने सदन को सूचित किया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सहयोगियों और पीएसी उप-समिति के सदस्यों के साथ हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी तथा उनसे शांति वार्ता को गति देने के लिए राजनीतिक स्तर के वार्ताकार की नियुक्ति की मांग की थी।

भल्ला ने जनगणना प्रक्रिया के संबंध में कहा कि भारत की 10 वर्षीय जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। नगालैंड में पहला चरण घरों की सूची और आवास जनगणना होगा, जो इस वर्ष एक जुलाई से 30 जुलाई तक किया जाएगा, जबकि स्व-गणना 16 जून से 30 जून तक उपलब्ध रहेगी।

जनगणना की औपचारिक अधिसूचना 16 जून को जारी की गई थी।

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्यपाल ने शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा बलों की सराहना की और आदिवासी निकायों और नागरिक समाज संगठनों के सहयोग की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि 2025 में स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत निरंतर कार्रवाई से 157 मामले दर्ज किए गए और 260 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

भाषा यासिर नरेश

नरेश