नासिक, एक सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के एक पूर्व प्रवर्तन अधिकारी को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
केंद्रीय एजेंसी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि पुणे की विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी अधिकारी देवीदास शिंदिकर पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी ने 2014 में यह मामला इस आरोप पर दर्ज किया था कि अधिकारी ने भविष्य निधि की बकाया राशि और जुर्माने को कम करने के लिए एक स्कूल से रिश्वत की मांग की थी।
उन्होंने बताया, ‘‘आरोपी ने शुरूआत में स्कूल से 8.50 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 13 लाख रुपये कर दिया। बातचीत के बाद, आरोपी रिश्वत के तौर पर 10 लाख रुपये लेने को तैयार हो गया। सीबीआई ने 21 अप्रैल 2014 को जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।’’
भाषा सुभाष पवनेश
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